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Rajasthan: शहीदों के माता-पिता को वीर माता-पिता का पहचान पत्र, सैनिक विश्राम गृहों के कार्मिकों को अब ये लाभ

Thu, 06 Apr 2023 06:02 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Thu, 06 Apr 2023 06:02 PM IST
सार

राज्यपाल कलराज मिश्र की पहल पर राजस्थान में सैनिक कल्याण विभाग की तरफ से अब शहीद की माता को "वीर माता" और शहीद के पिता को "वीर पिता" पहचान पत्र जारी किया जाएगा। इसी तरह शहीद सैनिकों और गैलेंट्री अवार्ड से अलंकृत सैनिकों के नाम से स्कूलों या सार्वजनिक स्थलों के नामकरण की नीति में सरलीकरण किया जाएगा।

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Identity card of heroic parents to parents of martyrs in Rajasthan Governor Kalraj Mishra
राज्यपाल कलराज मिश्र ने अधिकारियों के साथ की बैठक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्यपाल कलराज मिश्र ने इस संबंध में प्रकरणों का टाइमबाउंड निस्तारण करने के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित कर कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। राज्यपाल कलराज मिश्र की अध्यक्षता में राजभवन में गुरुवार को सैनिक कल्याण बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिए गए। बैठक में राज्यपाल  मिश्र ने पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का प्रभावी और टाइम बाउंड इंप्लीमेंटेशन करने के भी निर्देश दिए। बैठक में सैनिक कल्याण मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा, राज्य स्तरीय सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह जसोल, उपाध्यक्ष राम सहाय बाजिया, मुख्य सचिव उषा शर्मा सहित विभिन्न विभागों और सेना के अधिकारी मौजूद रहे।

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शहीदों के परिजनों और पूर्व सैनिकों को समाज में उचित सम्मान मिलना चाहिए 
राज्यपाल मिश्र ने कहा कि शहीदों के परिजनों और पूर्व सैनिकों को समाज में उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहीदों के आश्रितों की सामाजिक, पारिवारिक, आर्थिक समस्याओं का समाधान करने के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। सैनिक कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और उन्हें दी की जा रही सुविधाओं के बारे में बड़े स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए , ताकि इनका ज़्यादा से ज़्यादा फायदा पूर्व सैनिक और उनके परिजन ले सकें।
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शहीद आश्रितों को भूमि आवंटन के पेंडिंग प्रकरणों के निस्तारण के लिए विशेष प्रयास
सैनिक कल्याण विभाग मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व सैनिकों और शहीदों के आश्रितों के कल्याण के लिए काफी काम किए हैं। उन्होंने शहीद आश्रितों को भूमि आवंटन के पेंडिंग प्रकरणों के निस्तारण के लिए विशेष प्रयास करने पर जोर दिया। राज्य स्तरीय सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह जसोल ने कहा कि केन्द्रीय पुलिस बलों से सेवानिवृत्त कार्मिकों की समस्याओं के समाधान के लिए भी विशेष तौर से प्रयास किया जाना चाहिए। मुख्य सचिव उषा शर्मा ने कहा कि प्रशासन द्वारा आमजन की परिवेदनाओं, समस्याओं की सुनवाई और जल्द समाधान के लिए त्रिस्तरीय जनसुनवाई व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि इन जन सुनवाई में पूर्व सैनिकों की भागीदारी कम देखने को मिलती है। सैनिक कल्याण विभाग के माध्यम से पूर्व सैनिकों में जन सुनवाई की इस व्यवस्था के बारे में व्यापक रूप से जानकारी दी जाए, ताकि वे इनमें भाग लेकर अपनी परिवेदनाओं का समाधान करवा सकें।
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भूमि आवंटन के लिए जल्द ही कैम्प लगाया जाएगा
सैनिक कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा ने कहा कि जयपुर में सैनिक कल्याण भवन के लिए भूमि आवंटित करने के बाद निर्माण के लिए बजट आवंटित कर दिया गया है। जल्द ही भवन के शिलान्यास के बाद काम शुरू  कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शहीद आश्रितों को भूमि आवंटन के लम्बित प्रकरणों का निस्तारण करने के लिए जल्द ही कैम्प का आयोजन किया जाएगा। राज्य सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर (से.नि.) वी.एस. राठौड़ ने बैठक में पूर्व सैनिकों, शहीदों के परिजनों, वीरांगनाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं और राज्य बजट में सैनिक कल्याण से जुड़ी घोषणाओं के बारे में प्रेजेंटेशन के ज़रिए जानकारी दी। उन्होंने राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड की मई 2022 में हुई बैठक में लिए गए निर्णयों के इंप्लीमेंटेशन के बारे में भी जानकारी दी।


सैनिक विश्राम गृहों के नियमित कार्मिकों को 7वें वेतनमान के परिलाभ मिलेंगे
राज्यपाल कलराज मिश्र की अध्यक्षता में गुरुवार को ही अमलगमेटेड फण्ड फॉर द बेनिफिट ऑफ एक्स-सर्विसमेन की 32वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में सैनिक विश्राम गृहों की अग्रिम राशि में वृद्धि, सैनिक विश्राम गृहों के नियमित कार्मिकों को सातवें वेतनमान के परिलाभ देने के लिए 1 करोड़ रुपए के एक्सपेंडिचर की स्वीकृति देने, जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में पूर्व सैनिकों की सुविधा के लिए कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गई। बैठक में अमलगमेटेड फण्ड के वर्ष 2020-21 के वास्तविक आय व्यय लेखा और 2022-23 के अनुमानित आय व्यय लेखा का अप्रूवल किया गया।

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