Rajasthan: एसएचओ-कांस्टेबल के बीच समलैंगिक संबंध!, ब्लैकमेल कर आरक्षक ने 2.5 लाख ऐंठे, फिर की यह डिमांड
आला अधिकारियों ने कांस्टेबल और एसएचओ दोनों को ही निलंबित कर दिया है। साथ ही कांस्टेबल को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। मामले की जांच नागौर सीओ विनोद कुमार सीपा करेंगे।
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राजस्थान पुलिस में समलैंगिक संबंध बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। नागौर जिले में एसएचओ और एक कांस्टेबल के बीच इस तरह के संबंध बने। दोनों के बीच यह सारी चीजें करीब आठ महीने से चल रही थीं। इसके बाद कांस्टेबल ने दोनों के बीच हुई अश्लील चैट और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर एसएचओ को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसने एचएचओ से ढाई लाख से ज्यादा रुपये भी ले लिए। आरोपी की मांग लगातार बढ़ती गई। आखिर में एसएचओ ने एसपी से शिकायत की। जांच के बाद आरोपी कांस्टेबल को निलंबित कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार जिले के एक थाने के एसएचओ और 32 साल के कांस्टेबल प्रदीप बाज्या की करीब आठ महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती हुई थी। इस दौरान प्रदीप बड़ी खाटू थाने में तैनात था। इसके बाद दोनों में चैटिंग होने लगी। फोन पर अश्लील चैटिंग करने के साथ ही दोनों के बीच कई बार शारीरिक संबंध भी बने। नहीं मिल पाने पर दोनों फोन सेक्स और न्यूड वीडियो कॉल भी किया करते। इस दौरान कांस्टेबल प्रदीप ने एसएचओ के अश्लील वीडियो बना लिए और फिर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगा।
पीड़ित एसएचओ ने मामले की शिकायत एसपी से की तो जांच शुरू की गई। इस दौरान कांस्टेबल के मोबाइल में अश्लील वीडियो मिले। आरोपी कांस्टेबल कुछ महीने से एसएचओ को धमका रहा था। वह उससे ढाई लाख रुपये ऐंठ चुका था। अब एक महंगी कार के साथ पांच लाख रुपये देना का दबाव बना रहा था। खींवसर थाने पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं आला अधिकारियों ने कांस्टेबल और एसएचओ दोनों को ही निलंबित कर दिया है। नागौर सीओ विनोद कुमार सीपा मामले की जांच करेंगे।
जानें, नागौर पुलिस ने क्या कहा?
इधर, नागौर पुलिस का कहना है कि मामले का समलैंगिकता का कोई संबंध नहीं है। खींवसर थाना में तैनात आरोपी कांस्टेबल ने सोशल मीडिया पर एक लड़की की फेक प्रोफाइल बनाकर थानाधिकारी से दोस्ती की थी। इसके बाद उसने थानाअधिकारी के आपत्तिजनक वीडियो बना लिए और रुपयों की मांग को लेकर ब्लैकमल करने लगा। आरोपी कांस्टेबल और थाना अधिकारी एक साथ तैनात भी नहीं रहे हैं।