गुर्जर आंदोलनः हाईकोर्ट ने दिया बड़ा आदेश
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आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे गूजरों के प्रति राजस्थान हाई कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा है कि सरकार बुधवार शाम पांच बजे तक रेल पटरियों और सड़क मार्ग को आंदोलनकारियों से खाली करवाएं।
अदालत ने गुरुवार को पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव को बुलाया है। अदालत ने प्रदर्शन के कारण रेलवे से उसे हुई नुकसान की भी जानकारी मांगी है। पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में से पांच फ़ीसदी आरक्षण के लिए राजस्थान के गूजर पिछले एक हफ्ते से आंदोलन कर रहे हैं।
इससे पहले भी गूजर आंदोलन पर अदालत ने वर्ष 2007 में कहा था कि नागरिकों को आने-जाने से रोका नहीं जा सकता, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने रास्ते रोके जिसे लेकर सेवानिवृत्त कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के खिलाफ़ अदालत में अवमानना की कार्रवाई चल रही है।
बंद है रेलमार्ग
गूजर आंदोलनकरियों ने 21 मई शाम से दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग बाधित कर रखा है। इसके अलावा उन्होंने जयपुर-आगरा राजमार्ग और कुछ अन्य सड़कों को भी जाम कर रखा है। आंदोलनकारी दिल्ली-मुंबई मार्ग पर पीलूपुरा में रेल पटरियों पर धरना दे रहे हैं।
धरने का नेतृत्व गूजर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला कर रहे हैं। आंदोलनकारियों और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अभी भी कोई समाधान नहीं निकला है।
मंगलवार को हालात तब तनावपूर्ण हो गए जब दौसा के सिकंदरा में बाज़ार में तोड़फ़ोड़ का स्थानीय लोगों की ओर से विरोध होने पर उग्र भीड़ बाज़ार में जमा हुई. इसके बाद पुलिस को दखल देना पड़ा।