Gujarat Assembly Election 2022: गहलोत के सलाहकार लोढ़ा बोले- भाजपा कांग्रेस विधायकों पर डोरे डाल रही
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार संयम लोढ़ा ने कहा कि गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने की कोशिश में है। कांग्रेस का शुभचिंतक होने के नाते मेरा फर्ज है कि मैं इस तरह के प्रयास को लेकर सबको आगाह करूं।
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देश में पांच राज्यों में हुए चुनाव के बाद का शोर अभी थमा नहीं है। इससे पहले इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले राज्य गुजरात में सियासत गरमाने लगी है। देशभर के ज्यादातर लोग जब होली के रंग में रंगे हुए तब राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के सलाहकार ने एक ट्वीट कर राजनीतिक फिजाओं पर गर्मी घोल दी।
उनका यह ट्वीट गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर है। गहलोत के सलाहकार संयम लोढ़ा ने ट्वीट कर लिखा कि 'गुजरात विधानसभा चुनाव 2022, भाजपा कांग्रेस के दस विधायकों पर डोरे डाल रही है'। स्वस्थ रहे और सतर्क रहें। लोढ़ा ने इस ट्वीट को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, नेशनल कांग्रेस और गुजरात कांग्रेस को भी टैग किया है।
आगाह करने का मेरा फर्ज
एक मीडिया संस्थान से बात करते हए संयम लोढ़ा ने कहा कि गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने की कोशिश में है। पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस के दस विधायकों से संपर्क किया है। उन्होंने दावा कि इसकी जानकारी कांग्रेस गुजरात प्रभारी रघु शर्मा को दे दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का शुभचिंतक होने के नाते मेरा फर्ज है कि मैं इस तरह के प्रयास को लेकर सबको आगाह करूं।
पांच पूर्व विधायक थाम चुके हैं भाजपा का दामन
इस साल के अंत तक गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा किसी भी हाल में राज्य की सत्ता अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहती है। ऐसे में तो बिल्कुल नहीं जब हाल ही में चार राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी को शानदार जीत मिली है। राजनीति जानकारों का कहना है कि अगर कांग्रेस के विधायक भाजपा में शामिल होते हैं तो यह कोई बड़ी बात नहीं होगी, हालांकि कांग्रेस को इससे एक बड़ा झटका लेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हाल ही में कांग्रेस के पांच पूर्व विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया है। इससे पहले 2020 में कांग्रेस के आठ विधायक भाजपा में शामिल हुए थे।
सिर्फ दो राज्यों तक सिमटी कांग्रेस
देश पर 70 साल तक राज करने वाली कांग्रेस अब सिर्फ दो राज्यों में सिमटकर रह गई है। हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। इस साल के अंत तक गुजरात और हिमाचल में विधानसभा चुनाव होंगे। इन दो राज्यों के चुनाव में जीत दर्ज कर कांग्रेस पार्टी के नेता और कार्यकर्ता अपना खोया हुआ मनोबल वापस पा सकते हैं। इन राज्यों में पार्टी का अच्छा प्रदर्शन रहता है तो अगले साल 2023 में राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का रास्ता कुछ आसान हो जाएगा। बता दें कि इन दोनों ही राज्यों में कांग्रेस की सरकार है।
222 उम्मीदवार छोड़ चुके हैं कांग्रेस
हाल ही में दिए एक बयान में कपिल सिब्बल ने कहा था कि कांग्रेस 2014 से लगातार नीचे जा रही है। हमने राज्य दर राज्य खोया हैं, जहां हम सफल हुए वहां भी हम अपने कार्यकर्ता को एक साथ नहीं रख पाए। इस बीच कांग्रेस से कुछ प्रमुख लोगों का पलायन भी हुआ है। उन्होंने कहा कि था 2014 से अब तक करीब 177 सांसद, विधायक के साथ-साथ 222 उम्मीदवार कांग्रेस छोड़ चुके हैं। हमने इतिहास में किसी अन्य राजनीतिक दल में इस तरह का पलायन नहीं देखा है। उनके इस बयान के साफ है कि नेताओं के पार्टी बदलने का तरीका नया नहीं है।