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सरकार ने हैलीकॉप्टर पर उड़ाए 1.35 करोड़
जयपुर/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 12 Apr 2013 12:52 PM IST
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राजस्थान में राज्यपाल व मुख्यमंत्री सहित अन्य वीवीआईपी के लिए हैलीकॉप्टर किराए पर लेने की सरकार की नीति बेहद खर्चीली साबित हुई है।
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पिछले एक साल में 2012-13 में सरकार ने किराए के हैलीकॉप्टर के लिए 1.35 करोड़ रुपए की राशि निजी कंपनियों को चुकाई है।
यह जानकारी हाल ही में विधानसभा में विधायक ओम बिड़ला की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में दी गई।
सरकार के बेड़े में दो विमान और एक हैलीकॉप्टर मौजूद है। इनमें से एक विमान और हैलीकॉप्टर खराब हो चुके हैं।
ऐसे में सरकार द्वारा नए विमान या हैलीकॉप्टर खरीदने के बजाए उन्हें निजी कपंनियों से किराए पर लेकर मोटी रकम खर्च की गई।
खराब हैलीकॉप्टर पर डेढ़ करोड़ खर्च
सरकारी बेड़े में शामिल खराब पड़े हैलीकॉप्टर की मरम्मत में पिछले एक साल में 1.5 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। लेकिन नया हैलीकॉप्टर नहीं खरीदा जा रहा है।
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पूर्व मंत्री की सबसे ज्यादा उड़ान
साल भर में सबसे ज्यादा यात्राएं करने वालों में वैसे राज्यपाल और मंत्री शामिल हैं, लेकिन उनके अलावा राज्य के मंत्रियों में सबसे ज्यादा यात्राएं करने वालों में पूर्व खान राज्यमंत्री रामलाल जाट सबसे ऊपर है।
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रामलाल जाट ने आठ बार यात्राएं की हैं। उनके बाद उद्योग मंत्री राजेंद्र पारीक ने चार बार यात्राएं की हैं और चारो यात्राएं एक ही दिन में की गई हैं।
खर्च का ब्यौरा
कंपनी-----------------------------------------------------------------खर्चा (रु.)
एरॉ एयरक्राफ्ट्स सेल्स एंड चार्टर्स (नई दिल्ली)---------------------------------36,68,269
एयर चार्टर सर्विसेज (नई दिल्ली)-----------------------------------------------20,79,722
इंडिया फ्लाईसेफ, स्पान एयर, डेजी चिप्सन, जीएमआर और ग्लोबल विक्ट्रा-----67,40,988
कुल भुगतान---------------------------------------------------------------------करीब 1,31,78,979
इसी अवधि के दौरान पायलेट्स पर खर्च-----------------------------------------2,11,800