Rajasthan News: 25 लाख में बेचे 50 बैंक खाते, ट्रेडिंग के नाम पर प्रोफेसर से 40 लाख ठगने पर हुआ मामला उजागर
Pali: सरकारी और प्राइवेट बैंकों में मजदूरों और गरीबों के खाते खुलवाकर उनकी डिटेल्स 50 हजार रुपये में हैकर्स को बेचे जाने के एक मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी बैंकों में मजदूरों के खाते खुलवाने के एवज में उन्हें 30 हजार रुपये देते थे और हैकर्स को खाते की जानकारी 50 हजार रुपये में बेच देते थे।
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50 हजार रुपये में बैंक अकाउंट की जानकारी बेचे जाने का एक मामला पाली में उजागर हुआ है। दरअसल आरोपियों ने पाली के एक प्रोफेसर को शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के जरिये दो महीने में रुपये डबल करने का झांसा देकर एक एप पर उनसे 40 लाख रुपये की रकम निवेश करवाने के बाद रकम विड्रॉल करवाने के एवज में 10 लाख रुपयों की मांग की थी। प्रोफेसर द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने पर की गई कार्रवाई में ये नया मामला सामने आया। ये आरोपी गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों के खाते प्राइवेट और सरकारी बैंकों में खुलवाते थे और उन्हें हैकर्स को 50 हजार रुपये में बेच देते थे। आरोपी इन खाताधारकों को खाता खुलवाने के एवज में 30 हजार रुपये भी देते थे। इस तरह से अब तक लगभग 50 खाते खुलवाकर आरोपी हैकर्स से 25 लाख रुपये ले चुके हैं।
जानकारी के अनुसार पाली औद्योगिक थाना क्षेत्र से पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और अन्य सरकारी बैंकों समेत प्राइवेट बैंकों में गरीबों और मजदूरों के खाते खुलवाते थे और बदले में उन्हें 30 हजार रुपये देते थे। खाता खुलने के बाद आरोपी इन खातों की डिटेल्स 50 हजार रुपये में हैकर्स को बेच देते थे। खाता खुलने के बाद हैकर्स आरोपियों के माध्यम से खाते में मोबाइल नंबर अपडेट करते थे ताकि खाते से संबंधित ओटीपी और अन्य डिटेल्स का प्रयोग कर सकें। हैकर्स अब तक इन खातों से तीन करोड़ रुपयों का लेनदेन कर चुके हैं।
औद्योगिक थाने की SHO पाना चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि सोसाइटी नगर, पाली के रहने वाले आरोपी श्रवण कुमार और अभिषेक एक ग्रेनाइड फैक्ट्री में काम करते थे। इस दौरान श्रवण इस तरह का काम करने वाले दिलीप सोनी नाम के व्यक्ति के संपर्क में आया। उसने श्रवण को इस काम की जानकारी दी। ठगी के इस तरह के किसी मामले में दिलीप के जेल जाने के बाद श्रवण ने यह काम करना शुरू कर दिया और साथ काम करने वाले अभिषेक को भी इसमें शामिल कर लिया। दोनों आरोपियों का कहना है कि हैकर्स उनसे ऑनलाइन फर्जी नंबरों से कॉल करके बात किया करते थे। वे कौन लोग थे, इसकी कोई जानकारी आरोपियों को नहीं है। आरोपी खुलवाए गए बैंक खातों की डायरी, एटीएम और चेकबुक बस के जरिये गुजरात के सूरत की तरफ हैकर्स के पास पहुंचाते थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों से पाली के एक प्रोफेसर के साथ भी ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है। आरोपियों ने प्रोफेसर को शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के जरिये दो महीने में रुपये डबल करने का झांसा देकर एक एप पर उनसे 40 लाख रुपये की रकम निवेश करवा दी और रकम विड्रॉल करवाने के एवज में 10 लाख रुपयों की मांग की। पुलिस अब पूरे मामले की तफ्तीश कर इन साइबर ठगों की तलाश में जुटी है।