Russia-Ukraine War: जर्मन राजदूत बोले- यूएन सुरक्षा परिषद को सुधारना होगा, ऐसा करने के लिए भारत को हमारा समर्थन
जर्मनी के राजदूत वाल्टर जे लिंडर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संरचना का आउटडेटड करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत को इसका स्थायी सदस्य बनाया जाना चाहिए।
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जर्मनी के राजदूत वाल्टर जे लिंडनर ने कहा कि भारत अपने इतिहास और पड़ोस के उनुसार गठबंधन करेगा लेकिन सिद्दांत के रूप में व्लादिमीर पुतिन जो यूक्रेन में कर रहे हैं, उसकी अनुमति देना, सभी के लिए खतरनाक है। जर्मनी के राजदूत वाल्टर जे लिंडर ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में ये बातें कही।
इस दौरान उन्होंने संयुक्त राष्ट्र परिषद की संरचना को 'आउटडेटड' करार दिया। उन्होंने कहा कि 1.3 अरब वाले लोगों की आवाज वाले भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य होना चाहिए। हर देश के पास पक्ष, विपक्ष और वोट नहीं करने के लिए अपने कारण थे। इसमें कोई समस्या नहीं है। भारत पड़ोस और इतिहास के हिसाब से आपसी संबंध बनाता है।
भारत ने 15 देशों की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यूक्रेन से संबंधित दो प्रस्तावों में वोटिंग नहीं किया था। अब जर्मनी के राजदूत ने कहा कि रूस को सीमाओं या संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान नहीं करने देना भविष्य के लिए एक बुरी मिसाल कायम करेगा। इससे हर देश के लिए खतरा होगा। इसीलिए इतने सारे देश हैं, जो रूस के खिलाफ मतदान कर रहे हैं। यहां तक कि कई देश जिन्हें पुतिन के इस रवैये से परहेज है, मतदान नहीं किया। वे पुतिन के इस व्यवहार को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
भारत को पूरा समर्थन
वाल्टर जे लिंडनर ने कहा कि 'अगर लोग संयुक्त राष्ट्र में अपना विश्वास खो देते हैं तो यह एक नुकसान होगा क्योंकि यह एकमात्र अंतरराष्ट्रीय वैश्विक संगठन है, जो हमारे पास है। यह कहने के बजाय कि ये बेकार लोग हैं, हमें इसे सुधारना होगा। हमें इसमें सुधार करना होगा और ऐसा करने में भारत सबसे आगे है और भारत को हमारा पूरा समर्थन है।'
खुद को बताया गांधी का प्रशंसक
खुद को महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला का बहुत बड़ा प्रशंसक बताते हुए लिंडनर ने यूक्रेन के लोगों द्वारा दिखाए गए सविनय अवज्ञा की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुतिन ने सोचा कि यूक्रेनी लोग हार मान लेंगे, भाग जाएंगे या उनकी सेना भाग जाएगी। ये सब बकवास है।