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Rajasthan: मिड डे मील के बच्चों को दूध और इन विद्यार्थियों को मिलेगा स्टाईपेंड, जानें गहलोत कैबिनेट के अहम फैसले?
Tue, 10 May 2022 08:35 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Tue, 10 May 2022 08:35 PM IST
सार
कैबिनेट बैठक में राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय उदयपुर में आयुर्वेद विभाग से स्नातकोत्तर कर रहे विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। अब इन विद्यार्थियों को 60,950 रुपये तक का स्टाइपेंड मिलेगा।
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गहलोत मंत्री मंडल की बैठक में लिए गए कई अहम निर्णय।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर मंगलवार को मंत्री मंडल की बैठक आयोजित की गई। इसमें कई मिड डे मील के तहत बच्चों को दिए जा रहे भोजन को लेकर भी एक अहम फैसला किया है। योजना के अंतर्गत कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को अब सप्ताह में दो दिन दूध भी दिया जाएगा। इसके लिए 476.44 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दी गई है।
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बता दें कि राजकीय विद्यालयों में मिड डे मील की पौष्टिकता बढ़ाने के लिए 1 जुलाई से सप्ताह में 2 दिन बच्चों को पाउडर मिल्क उपलब्ध कराया जाएगा। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन द्वारा विद्यालय स्तर पर दूध पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
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इसके अलावा गहलोत कैबिनेट ने चंबल कमांड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोटा, बूंदी और बारां जिलों के सिंचित क्षेत्र की दक्षता सुधार के लिए भी 12.25 करोड़ के वित्तीय प्रावधान को मंजूरी दी है। इस राशि से कमांड क्षेत्र के ड्रेनेज सिस्टम के जीर्णोद्धार, विभिन्न नहरों और ब्रांच नहरों में पक्की लाइनिंग के कार्य करवाए जाएंगे। सीएम गहलोत ने वर्ष 2022-23 के बजट भाषण में चंबल कमांड क्षेत्र के विकास के लिए वित्तीय प्रावधान की घोषणा की थी।
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कैबिनेट बैठक में मेवात क्षेत्र के विकास के लिए तिजारा और अलवर में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना और 44 पदों के सृजन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। प्रस्ताव में प्रिंसिपल, वाइस-प्रिंसिपल और प्रोफेसर का एक-एक, एसोसिएट प्रोफेसर के दो, असिस्टेंट प्रोफेसर के तीन, ट्यूटर के आठ, एक्जीक्यूटिव असिस्टेंट के सात, सहायक लाइब्रेरियन का एक, एमटीएस और सिक्यूरिटी गार्ड के 10-10 पद शामिल हैं।
बता दें कि तिजारा और अलवर में नर्सिंग महाविद्यालय के भवन का निर्माण अल्पसंख्यक मामलात विभाग द्वारा कराया जा चुका है। वर्ष 2021-22 के बजट में सरकार ने सभी जिला मुख्यालयों पर नर्सिंग महाविद्यालय खोलने की घोषणा की थी। वर्तमान में आठ जिलों में नर्सिंग महाविद्यालय संचालित हैं। वहीं 7 जिलों बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, धौलपुर, पाली, करौली और सीकर में स्थापना का काम प्रगति पर है। अन्य जिलों में भी नर्सिंग महाविद्यालय खोलने का कार्य शुरू किया जाएगा।
राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय उदयपुर में आयुर्वेद विभाग से स्नातकोत्तर कर रहे विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। अब आयुर्वेद स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष में 55,200 रुपये, द्वितीय वर्ष में 58,650 रुपये और तृतीय वर्ष में 60,950 रुपये का स्टाइपेंड मिलेगा। स्टाइपेंड के साथ-साथ विद्यार्थियों को महंगाई भत्ता भी दिया जाएगा। आयुर्वेद स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को बढ़ा हुआ स्टाइपेंड और डीए देने के लिए सरकार द्वारा प्रतिवर्ष 9 करोड़ से अधिक की राशि का वित्तीय प्रावधान किया गया है।
उल्लेखनीय है कि एलोपैथी विभाग में स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में समय-समय पर वृद्धि की जाती रही है, जबकि आयुर्वेद विभाग में स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में 1 सितंबर 2009 के बाद से कोई संशोधन नहीं किया गया था। वर्ष 2009 से अभी तक प्रथम वर्ष में 19 हजार, द्वितीय वर्ष में 20 हजार और तृतीय वर्ष में 21 हजार रुपये स्टाइपेंड मिल रहा था। मंजूरी के बाद अब आयुर्वेद पीजी विद्यार्थियों को बढ़ा हुआ स्टाइपेंड एक अप्रैल 2022 से मिलेगा।