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Jhunjhunu: प्राइवेट स्कूल की साइंस लैब में गैस रिसाव, बेसुध हुईं 15 बच्चियां अस्पताल में भर्ती, दो सीकर रेफर
Mon, 13 Feb 2023 08:46 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
Published by: अरविंद कुमार
Updated Mon, 13 Feb 2023 08:46 PM IST
सार
राजस्थान में झुंझुनूं के उदयपुरवाटी में एक प्राइवेट स्कूल की साइंस लैब में गैस रिसाव होने से 15 छात्राओं की हालत बिगड़ गई। छात्राओं को उदयपुरवाटी के सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इनमें से दो छात्राओं को तबियत ज़्यादा बिगड़ने पर सीकर रेफर किया गया।
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अस्पताल में भर्ती बच्चियां
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झुंझुनूं जिले की उदयपुरवाटी में ग्रीन फ्लॉवर किड्स केयर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में यह घटना सोमवार को हुई। स्कूल डायरेक्टर सुभाष ओलखा के मुताबिक, 8वीं और 12वीं क्लास के साइंस प्रैक्टिकल एग्जॉम सोमवार को लिए जा रहे थे। इसी दौरान प्रैक्टिकल के वक्त लैब में रखे कांच के बीकर से गैस का रिसाव हो गया। इससे पूरी लैब में घुटन हो गई और बदबू फैल गई। इस घटना से कुछ बच्चियों को घबराहट हो गई और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। तो तुरंत छात्राओं को अस्पताल भिजवाया गया। उनके परिजनों को भी सूचित किया गया।
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उदयपुरवाटी सीएचसी के प्रभारी डॉ. अनिमेष गुप्ता के अनुसार सोमवार दोपहर करीब पौने एक बजे स्कूल के कुछ शिक्षक छात्राओं को अस्पताल लेकर पहुंचे। सभी छात्राओं को सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। हालात देखते हुए पूरी मेडिकल टीम को अलर्ट कर बच्चियों का उपचार शुरू कर दिया गया। 15 में से दो बच्चियों की हालत ठीक नहीं लगने पर उन्हें सीकर अस्पताल रेफर किया गया।
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नवलगढ़ से डॉक्टर्स की टीम बुलवाई गई...
उदयपुरवाटी सीएचसी में फिजिशियन डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण इन बच्चियों के इलाज के लिए नवलगढ़ से डॉक्टर्स की टीम बुलवाई गई, जिनकी देखरेख में ट्रीटमेंट किया जा रहा है, जिन बच्चियों को सांस लेने में कठिनाई हो रही है, उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया जा रहा है। सीएचसी प्रभारी ने आक्सीजन प्लांट चालू करवाकर बच्चियों को तत्काल ऑक्सीजन पर लेकर उनकी जान बचाई। ये वही ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम है, जो कोविड-19 पीरियड के दौरान लगाया गया है। इससे इन बच्चियों की समय रहते जान बच गई।
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दो छात्राओं की हालत बिगड़ने पर सीकर अस्पताल रेफर...
इस घटना में छात्रा रितु पुत्री जगदीश और विशाखा पुत्री राजेंद्र की तबियत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें सीकर रेफर किया गया। नवलगढ़ से डॉक्टर किशोर कुमार शर्मा और डॉ. संदीप चौधरी की टीम ने कुछ घंटों की मशक्कत के बाद बच्चियों की हालत को स्थिर और कंट्रोल में किया। मौके पर नायब तहसीलदार बृजेंद्र सिंह राठौड़ और पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और अस्पताल में एंबुलेंस और दवाइयों की व्यवस्था कवाने के साथ ही घटना की पड़ताल भी शुरू कर दी है।
कैसे हुई घटना?
उदयपुरवाटी के ग्रीन फ्लॉवर किड्स केयर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में थर्ड पीरियड में साइंस प्रैक्टिकल लिए जा रहे थे। तभी लैब से किसी दमघोंटू गैस का रिसाव हो गया, दुर्गंध इतनी तीखी थी कि 3-4 लड़कियों को तुरंत ही सांस में दिक्कत आ गई। कुछ ही क्षणों में गैस का असर आसपास भी होने लगा, जिससे लैब के पास वाली क्लास की लड़कियां भी इसकी चपेट में आ गईं। जिसके बाद स्कूल स्टाफ और टीचर्स ने पीड़ित सभी 15 लड़कियों को सरकारी अस्पताल सीएचसी में भर्ती करवाया। बीमार छात्राएं 8वीं और 10वीं क्लास की हैं।