हवाई सफर करने वालों के लिए खुशखबरी, किराया हुआ कम
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राजस्थान से हवाई सफर करने वालों के लिए खुशखबरी है। वसुंधरा सरकार ने बजट में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) वैट 20 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है।
अब हवाई सफर पहले के मुकाबले सस्ता हो जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक पहले जो टिकट 4000 में मिलता था, अब उसके लिए 3500 रुपए ही खर्च करने पड़ेंगे।
वैट कम होने से विमानन कम्पनियां उड़ानों की संख्या बढ़ा देगी, जिससे जयपुर हवाई अड्डे की रौनक में भी चार चांद लग जाएंगे।
बढ़ेगी प्रतिस्पद्धा, किराया और होगा कम
राज्य सरकार के इस कदम से हवाई कम्पनियों के बीच प्रतिस्पर्घा बढ़ेगी और किराए भी कम हो जाएगा। कई नए शहर भी अब हवाई सफर से जुड़ जाएंगे। गौरतलब है कि जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे के विस्तार का काम तेजी से चल रहा है।
इसके बाद कई विदेशी विमानन कम्पनियों के बड़े विमान जयपुर में उतर पाएंगे। इससे विमानन कम्पनियों को वाया जयपुर विमान चलाने में आसानी होगी।
राज्य में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पर्यटन प्रोत्साहन नीति के तहत वैट घटाकर 8 फीसदी कर दिया थाए उस समय विमानों की संख्या 35 तक पहुंच गई थी और किराया में भी कटौती हुई थी। चूंकि अब वैट 5 फीसदी ही है, तो विमानों की संख्या इससे ज्यादा बढऩे की प्रबल सम्भावनाएं हैं। वहीं पिछली कांग्रेस सरकार ने वैट बढ़ाया था तो विमान 24.27 ही रह गए थे।
जयपुर से जुड़ेंगे गोवा-इंदौर जैसे शहर
पिछली कांग्रेस सरकार ने एटीएफ पर वैट बढ़ा दिया था। उसके बाद विमानन कम्पनियों ने इन शहरों में विमान सेवा बंद कर दी थीं। इससे ना केवल यात्रियों को परेशानी हुई थी, बल्कि सरकार का राजस्व भी कम हो गया था।
पर्यटन त्रिकोण विकसित करेगा पवन हंस
पहले प्रोत्साहन नीति के तहत एक विमानन कम्पनी ने स्थानीय त्रिकोण विकसित किया था। इसके तहत विमान जयपुर से उदयपुर और जोधपुर के लिए संचालित किए जाते थे।
इससे पर्यटन में काफी लाभ हो रहा था। अब सरकार ने पवन हंस हेलीकॉप्टर के साथ करार कर खुद ही इसे विकसित करने का कदम उठाया है। सरकार दो विमानों को भी पर्यटकों को किराए पर उपलब्ध कराएगी।