{"_id":"68d6a098c716563479070889","slug":"the-body-has-been-lying-in-the-courtyard-for-several-hours-and-the-administration-is-unable-to-provide-access-to-the-crematorium-family-members-and-community-members-are-sitting-with-the-body-on-the-road-dausa-news-c-1-1-noi1437-3450778-2025-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dausa News: शव के अंतिम संस्कार पर विवाद, कई घंटे तक आंगन में पड़ा रहा; श्मशान जाने का रास्ता नहीं मिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dausa News: शव के अंतिम संस्कार पर विवाद, कई घंटे तक आंगन में पड़ा रहा; श्मशान जाने का रास्ता नहीं मिला
Fri, 26 Sep 2025 10:21 PM IST
दौसा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: दौसा ब्यूरो
Updated Fri, 26 Sep 2025 10:21 PM IST
सार
Dausa News: दौसा के पीलवा गांव में रास्ते के विवाद को लेकर कई घंटों से शव को रास्ते में लेकर परिजन और लोग अंतिम संस्कार के लिए बैठे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रसासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश देने लगे, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
विज्ञापन
शव श्मशान ले जाने के लिए रास्ता मिलने का इंतजार करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दौसा जिले के सिकराय उपखंड की पीलवा ग्राम पंचायत में एक बेहद अमानवीय स्थिति सामने आई। यहां शुक्रवार को मुन्नालाल सैनी की मौत के बाद उनका शव कई घंटों तक घर के आंगन में पड़ा रहा। परिजन और समाज के लोग शव को श्मशान घाट ले जाने के लिए रास्ता खुलवाने की मांग पर अड़े रहे। उनका आरोप है कि प्रशासन अंतिम संस्कार के लिए रास्ता उपलब्ध नहीं करवा रहा, जबकि परंपरा के अनुसार परिवार के सदस्य दाह संस्कार से पहले अन्न-जल ग्रहण नहीं कर पा रहे, जिससे घर की महिलाएं और बच्चे भूख से व्याकुल हो उठे।
विज्ञापन
विवादित रास्ते को लेकर अड़ा परिवार
परिजनों का कहना है कि वर्षों से मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए एक ही रास्ते का उपयोग किया जा रहा था, लेकिन अब उस रास्ते को तारबंदी कर बंद कर दिया गया है। मृतक के परिवार का आग्रह है कि उसी रास्ते से शव को श्मशान घाट तक ले जाने दिया जाए। वहीं, प्रशासन का कहना है कि श्मशान तक पहुंचने के लिए अन्य वैकल्पिक रास्ते उपलब्ध हैं, लेकिन जिस रास्ते पर परिजन अड़े हैं, वह निजी खातेदारी भूमि है, इसलिए उसे जबरन नहीं खुलवाया जा सकता।
विज्ञापन
प्रशासन और परिवार आमने-सामने
मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और परिजनों से बातचीत की। प्रशासन की दलील है कि अंतिम संस्कार के लिए कई और रास्ते हैं, लेकिन परिजन उसी पुराने रास्ते से दाह संस्कार करने पर अड़े हुए हैं। एसडीएम डॉ. नवनीत कुमार का कहना है कि परिवार का रुख अनुचित है और यह ब्लैकमेलिंग जैसा है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- Crime: दो गांवों के कुओं में युवकों के शव मिलने का खुलासा, OLX एप से रची गई थी साजिश; UP से क्यों बुलाया था?
रोते-बिलखते रहे परिजन
घटनास्थल पर परिजनों और समाज के लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहरा आक्रोश जताया। उनका कहना है कि एक ओर परिवार अपने सदस्य को खोने के दुख से टूट चुका है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की लापरवाही ने उन्हें अंतिम संस्कार से भी वंचित कर दिया। महिलाएं और बच्चे रो-रो कर बेहाल हैं।
घटना को लेकर राजनीति शुरू
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला प्रमुख हीरा लाल सैनी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इसे पर्ची सरकार की घोर विफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन मृतक परिवार की पीड़ा के प्रति संवेदनशील नहीं है और इतनी देर तक शव का अंतिम संस्कार न होना बेहद शर्मनाक स्थिति है।
यह भी पढ़ें- Rajasthan News: पाकिस्तानी जासूस 'खान' ने उगले तीन हैंडलरों के नाम, सीमा से सटी इन जगहों पर रखता था नजर