{"_id":"6ab38e5cd11499558e0a11b8","slug":"reservation-lottery-held-at-the-collectorate-plans-of-several-stalwarts-disrupted-the-future-of-37-zila-parishad-wards-determined-dausa-news-c-1-1-noi1437-4755810-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"दौसा: पंचायती राज चुनाव की आरक्षण लॉटरी ने बदले समीकरण, कई दिग्गजों का खेल बिगड़ा,15 वार्ड महिलाओं के खाते में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दौसा: पंचायती राज चुनाव की आरक्षण लॉटरी ने बदले समीकरण, कई दिग्गजों का खेल बिगड़ा,15 वार्ड महिलाओं के खाते में
Wed, 23 Sep 2026 05:19 PM IST
दौसा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: दौसा ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 05:19 PM IST
सार
दौसा में पंचायती राज चुनाव 2026 के लिए आरक्षण की लॉटरी ने संभावित दावेदारों के समीकरण बदल दिए हैं। जिला परिषद के 37 वार्डों में 15 महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं, जबकि 14 पंचायत समितियों के प्रधान पदों का आरक्षण भी तय हो गया है।
विज्ञापन
लॉटरी निकालते हुए दौसा कलेक्टर डॉ. सौम्या झा
विस्तार
पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में निकाली गई आरक्षण की लॉटरी ने कई दिग्गजों का चुनावी गणित पूरी तरह बिगाड़ दिया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर डॉ. सौम्या झा की अध्यक्षता में जिला परिषद के 37 वार्डों और 14 पंचायत समितियों के प्रधान पदों के लिए आरक्षण तय किया गया। सुबह 11 बजे से शुरू हुई इस प्रक्रिया के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में जनप्रतिनिधियों, संभावित प्रत्याशियों और उनके सैकड़ों समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी रही।
विज्ञापन
जैसे-जैसे लॉटरी की पर्चियां खुलती गईं, वैसे-वैसे सभागार में कभी खुशी तो कभी मायूसी की लहर दौड़ती रही। कई ऐसे वार्ड जो पिछले लंबे समय से सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के कब्जे में थे, इस बार महिला या एससी-एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हो गए। इससे उन दिग्गजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जो पिछले कई महीनों से उन्हीं वार्डों में अपनी जमीन तैयार कर रहे थे। अब उन्हें मजबूरन या तो अपने परिवार की महिला सदस्य को आगे लाना पड़ेगा या फिर नया वार्ड तलाशना पड़ेगा।
विज्ञापन
15 वार्ड महिलाओं के खाते में, नए चेहरों को मौका
इस बार आरक्षण में सबसे बड़ा फायदा महिला वर्ग को हुआ है। जिला परिषद के कुल 37 में से 15 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें 10 सामान्य महिला, 2 एससी महिला और 5 वार्ड एसटी महिला के लिए रिजर्व हुए हैं। इससे ग्रामीण राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ना तय है। कई जगह युवा और पहली बार चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले चेहरों के लिए भी रास्ता साफ हुआ है। वहीं दूसरी तरफ सामान्य वर्ग के लिए सिर्फ 9 वार्ड ही अनारक्षित बचे हैं, जहां ओपन फाइट होगी। एससी के लिए 7 वार्ड, एसटी के लिए 10 वार्ड और ओबीसी के लिए सिर्फ 1 वार्ड आरक्षित किया गया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: बीजेपी का दबदबा या कांग्रेस की चुनौती?: संभागवार नतीजों में दिखी राजस्थान की अलग-अलग तस्वीर
14 पंचायत समितियों के प्रधान पदों का गणित
इसी तरह पंचायत समितियों के प्रधान पदों की लॉटरी ने भी समीकरण बदल दिए हैं। मनोहरपुर खेड़ला में प्रधान पद एससी महिला के लिए आरक्षित हुआ है, नागल राजावतान में एससी, शिवसिंहपुरा में एसटी, बैजूपाड़ा में एसटी महिला, मंडावर में एसटी महिला, बसवा में एसटी, बांदीकुई में सामान्य, लवाण में सामान्य महिला, सिकंदरा में ओबीसी, रामगढ़ पचवारा में सामान्य महिला, सिकराय में सामान्य, लालसोट में सामान्य महिला, दौसा में सामान्य महिला और महवा में सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है।
अब तेज होगी सियासी हलचल
आरक्षण तय होने के बाद अब जिले में पंचायती राज चुनाव की सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के संभावित दावेदार अब अपने-अपने जातिगत और वार्ड समीकरणों के हिसाब से रणनीति बनाने में जुट गए हैं। कलेक्ट्रेट के बाहर समर्थक अपने नेताओं के लिए नए वार्डों पर चर्चा करते नजर आए। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार आरक्षण की पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी के साथ पारदर्शी तरीके से की गई है। जल्द ही मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन होगा और उसके बाद चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा।