फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Dausa News ›   Dausa: Congress Wins 8 of 11 Civic Bodies, DC Bairwa-Murari Lal Meena Strategy in Focus

दौसा निकाय चुनाव में बैरवा-मीणा की जोड़ी ने रचा इतिहास, सत्ता की हनक पर भारी पड़ी कांग्रेस, 8 बोर्डों पर कब्जा

Wed, 23 Sep 2026 04:17 PM IST
दौसा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा Published by: दौसा ब्यूरो Updated Wed, 23 Sep 2026 04:17 PM IST
सार

दौसा के निकाय चुनाव नतीजों में कांग्रेस ने 11 में से 8 निकायों में बोर्ड बनाया। दौसा विधायक डीसी बैरवा और सांसद मुरारीलाल मीणा की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक सक्रियता को पार्टी की सफलता के प्रमुख पहलुओं में गिना जा रहा है।

विज्ञापन
Dausa: Congress Wins 8 of 11 Civic Bodies, DC Bairwa-Murari Lal Meena Strategy in Focus
डीसी बैरवा और मुरारीलाल मीणा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दौसा निकाय चुनाव में इस बार असली हीरो कोई और नहीं बल्कि कांग्रेस की बैरवा-मीणा जोड़ी रही। एक तरफ भाजपा के 4 विधायक, एक कैबिनेट मंत्री और प्रदेश प्रभारियों की पूरी फौज थी, तो दूसरी तरफ कांग्रेस के विधायक डीसी बैरवा और सांसद मुरारीलाल मीणा की सधी हुई रणनीति और इस सियासी शतरंज में बैरवा-मीणा की जोड़ी ने बाजी मार ली। जिले के 11 में से 8 निकायों पर कांग्रेस का परचम लहराकर दोनों नेताओं ने साबित कर दिया कि संगठन और एकजुटता के सामने सत्ता की हनक नहीं चलती।

विज्ञापन


बैरवा का मैनेजमेंट, मुरारी का जनाधार
कांग्रेस की इस जीत के असली आर्किटेक्ट रहे दौसा विधायक डीसी बैरवा और सांसद मुरारीलाल मीणा ने चुनाव से महीनों पहले से बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करना शुरू कर दिया था। जहां भाजपा में टिकटों को लेकर मारामारी और गुटबाजी चल रही थी, वहीं बैरवा और मीणा ने हर नाराज कार्यकर्ता को मनाया, हर वार्ड में जिताऊ चेहरा उतारा। सूत्रों की मानें तो डीसी बैरवा ने दिन-रात एक कर हर नगर पालिका में खुद मोर्चा संभाला। टिकट वितरण से लेकर प्रचार तक हर फैसले में कार्यकर्ताओं की राय ली गई। वहीं सांसद मुरारीलाल मीणा ने अपने संसदीय क्षेत्र के जनाधार का पूरा इस्तेमाल किया। उनकी सादगी और जनता से सीधा जुड़ाव मतदाताओं को भा गया। दोनों की यही केमिस्ट्री भाजपा पर भारी पड़ गई।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: बीजेपी का दबदबा या कांग्रेस की चुनौती?: संभागवार नतीजों में दिखी राजस्थान की अलग-अलग तस्वीर
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा का घमंड तोड़ा
सबसे बड़ी जीत दौसा नगर परिषद में रही, जहां भाजपा ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। जिलाध्यक्ष, जिला कार्यकारिणी और प्रदेश प्रभारी प्रणवेंद्र शर्मा, पूजा कपिल ने कई दिनों तक दौसा में डेरा डाल रखा था लेकिन कांग्रेस की इस जोड़ी के सामने उनका सारा मैनेजमेंट फेल हो गया। कांग्रेस ने न केवल दौसा नगर परिषद में सभापति पद बचाया, बल्कि उपसभापति पद पर भी कब्जा बरकरार रखा। यह जीत इस बात का सबूत है कि दौसा की जनता को बैरवा-मीणा की जोड़ी पर कितना भरोसा है।


बाकी जगह भी भाजपा के विधायक फेल
भाजपा के 4 विधायकों में से सिर्फ सिकराय विधायक विक्रम बंसीवाल ही अपनी दोनों नगर पालिकाएं बचा पाए। महुआ में मंत्री किरोड़ीलाल मीणा और राजेंद्र मीणा 2 में से 1 ही जिता पाए। जबकि बांदीकुई विधायक भागचंद टांकड़ा और लालसोट विधायक रामविलास मीणा अपने गढ़ में ही कांग्रेस की आंधी में उड़ गए। दोनों जगह बैरवा-मीणा की रणनीति ने भाजपा के सारे समीकरण बिगाड़ दिए।

राजनीतिक पंडितों का साफ कहना है कि इस निकाय चुनाव ने तय कर दिया है कि दौसा में कांग्रेस का असली चेहरा अब डीसी बैरवा और मुरारीलाल मीणा ही हैं। उनकी जोड़ी ने न सिर्फ 8 निकाय जिताए, बल्कि 2028 के लिए कांग्रेस को जिले में सबसे मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed