फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Dausa News ›   Hathras incident: People told the truth about Saakar Hari's Dausa Ashram and gathering

हाथरस कांड: साकार हरि के दौसा आश्रम से परेशान थे रहवासी, बताई- समागम और आश्रम की सारी सच्चाई, लगाए ये आरोप

Thu, 04 Jul 2024 09:03 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Thu, 04 Jul 2024 09:03 PM IST
सार

एसओजी की गिरफ्त में आए पेपर लीक के दोषी हर्षवर्धन पटवारी के मकान पर बाबा का भव्य दरबार लगता था। बाबा के दौसा आश्रम पर वीवीआईपी लोगों का मेला लगता था उसमें भी ज्यादातर सेवादार महिला ही होती थीं।

विज्ञापन
Hathras incident: People told the truth about Saakar Hari's Dausa Ashram and gathering
आश्रम में बिखरा सामान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के दौसा वाले आश्रम के आसपास के लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए आश्रम और वहां होने वाले क्रियाकलापों की हकीकत बयां कर गंभीर आरोप लगाए। लोगों ने बताया कि बाबा रसूखदार व्यक्ति हैं, जिनके दौसा आश्रम पर वीवीआईपी लोगों का आना-जाना रहता था। यहां जब दरबार लगता था उस समय कॉलोनी के बाशिंदे कॉलोनी में आने के लिए अपना आईकार्ड बाबा के निजी सुरक्षा गार्ड्स को दिखाकर ही प्रवेश कर पाते थे। साथ ही बाबा भोले के सेवादारों में अधिकांश महिलाएं हुआ करती थीं।

विज्ञापन


विज्ञापन


एसओजी की गिरफ्त में आए पेपर लीक के दोषी हर्षवर्धन पटवारी के मकान पर बाबा का भव्य दरबार लगता था। बाबा वीवीआईपी भक्त और महिलाएं सेवादार हुआ करती थीं। रसूक की बात तो यह थी कि जिस कॉलोनी में बाबा का दरबार लगता था उस दरमियां स्थानीय लोगों को भी कॉलोनी में आने की अनुमति आईडी दिखाने के बाद मिलती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाबा के समागम के दौरान इलाके में बाबा के प्राइवेट गार्ड ही मोर्चा संभालते थे। लोगों का आरोप है कि महिला सेवादार यदि बाबा से मिलना चाहे तो गार्ड उनके साथ धक्का-मुक्की करने के साथ लातों से भी मारा करते थे। बाबा समागम के दौरान झूले पर बैठकर सत्संग करते थे।



पेपर लीक का आरोपी हर्षवर्धन मीणा के पड़ोसी पुरुषोत्तम ने बताया कि यहां पर बाबा के समागम के दौरान किसी भी तरह की कोई व्यवस्थाएं नहीं हुआ करती थीं। दिन में बाबा के लोग आते थे। रात भर सत्संग चलता था, जिसके चलते आसपास का माहौल भी डिस्टर्ब रहता था।

यहां के रहने वाले सचिन गुर्जर ने बताया कि बाबा भोले थ्री लेयर की सुरक्षा हुआ करती थी। समागम के दौरान की व्यवस्थाओं में अधिकांश महिलाएं ही सेवादार हुआ करती थीं। उन महिलाओं के साथ बाबा के गार्ड बद्तमीजी से पेश आते थे। स्थानीय लोगों की माने तो इस दरबार की खासियत ये थी कि अधिकांश महिलाएं ही बाबा के पास अपनी पीड़ाएं लेकर आती थीं। बाबा के आश्रम में महिला सेवादारों के कागजात भी मिले हैं।

अब एसओजी की गिरफ्त में आए पेपर लीक मामले के दोषी हर्षवर्धन मीणा के लिए भी कहा जा रहा है कि जिस दौरान यहां दरबार लगता था। हर्षवर्धन भी यही मौजूद रहता था, लेकिन जब से एसओजी द्वारा पेपर लीक के मामले में हर्षवर्धन का नाम आया तब से हर्षवर्धन यहां नहीं दिखा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed