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CRPF Jawan Suicide Case: झारखंड में सर्विस रिवॉल्वर से CRPF जवान ने खुद को मारी गोली, छह घंटे बाद हुई मुखाग्नि
Thu, 21 Mar 2024 10:41 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 21 Mar 2024 10:41 PM IST
सार
दौसा के रहने वाले सीआरपीएफ में तैनात एक जवान ने बीते दिन बुधवार को झारखंड के चतरा में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर लिया था। गुरुवार को जब सीआरपीएफ की टुकड़ी मृतक जवान की पार्थिव देह को लेकर दौसा उसके गांव ढोलका में पहुंचे, तो उन्हें ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।
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मृतक जवान और ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दौसा जिले का सीआरपीएफ जवान जो झारखंड में तैनात था, जवान ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर लिया था। ऐसे में गुरुवार को जब सीआरपीएफ की टुकड़ी मृतक जवान की पार्थिव देह को लेकर दौसा स्थित उसके गांव में पहुंचे तो उन्हें ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। मृतक के परिजनों ने सीआरपीएफ के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन देने पर सहमति बनी। करीब साढ़े छह घंटे बाद CRPF के आईजी विक्रम सहगल और कमांडेंट पूनम की समझाइश के बाद परिजन पार्थिव देह को लेने को राजी हुए।
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उधर, मौके पर मौजूद बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जवान की पार्थिव देह के साथ सीआरपीएफ के ट्रक को वापस भेजने की कोशिश भी की। जवान निहाल सिंह गुर्जर पुत्र सूरजमल गुर्जर निवासी ढोलका दौसा सीआरपीएफ की 190 बटालियन में तैनात थे, जिसकी ड्यूटी झारखंड की चतरा पोस्ट पर थी।लेकिन जवान के द्वारा आत्महत्या करने के बाद सीआरपीएफ की टुकड़ी मृतक जवान की पार्थिव देह को सीआरपीएफ के वाहन से करीब 11 बजे उसके गांव लेकर पहुंची। ऐसे में परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। लेकिन सीआरपीएफ की टुकड़ी के जवानों की समझाइश के बाद परिजन गांव में ही जवान की पार्थिव देह को लेकर धरने पर बैठ गए। ऐसे में परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सीआरपीएफ के अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे। तब तक पार्थिव देह का अंतिम संस्कार नहीं करने की बात पर अड़े रहे।
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सीआरपीएफ के मृतक जवान निहाल सिंह के पिता सूरजमल ने सीआरपीएफ के उच्चाधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि बुधवार सुबह बेटे निहाल सिंह का कॉल आया था। इस दौरान उसने मायूस होकर अपनी पत्नी और मां को बताया कि सीआरपीएफ के अधिकारी उससे इस्तीफा मांग रहे हैं। लेकिन उसने इस्तीफा मांगने का कारण नहीं बताया। उन्होंने आगे कहा, मेरे बेटे का सीआरपीएफ के अधिकारियों से किसी बात को लेकर विवाद था। इसके कारण ही या तो सीआरपीएफ के अधिकारियों ने उसे गोली मारी है या फिर उसने खुद को गोली मारी है। इसकी पुष्टि सीआरपीएफ के अधिकारियों के मौके पर आने के बाद ही होगी। हालांकि, अभी जवान के आत्महत्या करने के कोई अधिकृत कारणों की पुष्टि नहीं हो पाई है।
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मृतक जवान के पिता ने बताया कि निहाल सिंह 20 मार्च को ही छुट्टी लेकर अपने गांव ढोलका आने वाला था। लेकिन 21 मार्च को निहाल सिंह का पार्थिव देह उसके घर पहुंचा। ऐसे में निहाल सिंह की पार्थिव देह को देखकर उसकी पत्नी, मां और पिता बेसुध हो गए। परिजनों के अनुसार, मृतक जवान निहाल सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। अब मृतक जवान को शहीद का दर्जा देने की मांग उठी।
स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा
वहीं, मृतक जवान की पार्थिव देह को लेकर ग्रामीण और परिजनों द्वारा धरने पर बैठने की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। उसके बाद कोलवा थाना प्रभारी जनमेजाराम सहित पुलिस के आलाधिकारी मृतक जवान के गांव ढोलका में मौके पर पहुंचे। कोलवा थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक जवान के परिजन और ग्रामीण मृतक जवान को शहीद का दर्जा देने की मांग सहित आश्रित को सरकारी नौकरी और मुआवजे की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। साथ ही जवान के आत्महत्या करने के कारणों की जांच की भी मांग की गई।
उधर, उच्चाधिकारियों को इस सारे घटनाक्रम को अवगत करवाकर CRPF के अफसर जवान के गांव पहुंचे। उसके बाद अनुकंपा पर नौकरी और नियम के तहत पत्नी को लाभ और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन देने पर सहमति बनी। करीब साढ़े छह घंटे बाद CRPF के आईजी विक्रम सहगल और कमांडेंट पूनम की समझाइश के बाद परिजन पार्थिव देह को लेने को राजी हुए। जवान को सम्मान के साथ सीआरपीएफ के जवानों गॉर्ड आफ ऑनर देकर अंत्येष्टि हुई। इस दौरान एसडीएम राम सिंह राजावत, बांदीकुई डिप्टी एसपी रोहिताश देवन्दा, बांदीकुई थानाधिकारी सुरेन्द्र मलिक, कोलवा थानाधिकारी जनमेजाराम मीणा सहित प्रशासन और सीआरपीएफ के आलाधिकारी मौजूद रहे।