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Rajasthan News: जर्जर स्कूल भवनों पर बड़ा फैसला, सुरक्षित पढ़ाई के लिए नजदीकी स्कूलों में शिफ्ट होंगे छात्र
Mon, 05 Jan 2026 11:18 AM IST
दौसा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: दौसा ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jan 2026 11:18 AM IST
सार
जिले में जर्जर भवनों में संचालित हो रहे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। जिले के 10 सीनियर सेकेंडरी और 42 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को अस्थायी रूप से नजदीकी सुरक्षित स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा।
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जज्जर भवन में पढ़ते बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले में जर्जर भवनों में संचालित हो रहे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। ऐसे सभी स्कूलों को अस्थायी रूप से नजदीकी सुरक्षित विद्यालयों में शिफ्ट किया जाएगा। इस संबंध में प्रारंभिक शिक्षा (आयोजना) विभाग के संयुक्त शासन सचिव ने आदेश जारी कर दिए हैं। पूरे प्रदेश में इस व्यवस्था के तहत 1154 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक और 212 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को शिफ्ट किया जा रहा है। जिले में कुल 10 सीनियर सेकेंडरी और 42 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों की कक्षाएं अब पास के स्कूलों में संचालित होंगी। शिफ्ट किए गए विद्यालयों की उपस्थिति पंजिका और शैक्षणिक रिकॉर्ड अलग-अलग रखे जाएंगे। जिस स्कूल में कक्षाएं लगेंगी, उसके मुख्य द्वार पर दोनों विद्यालयों के नाम और पारी की स्पष्ट जानकारी अंकित की जाएगी।
अधिशेष शिक्षक विद्यार्थियों की उपस्थिति, ठहराव और ड्रॉपआउट रोकने की जिम्मेदारी संभालेंगे। यदि समान कैडर के दो संस्था प्रधान हैं, तो रिक्त पद वाले अन्य विद्यालय में संस्था प्रधान का पदस्थापन किया जाएगा। व्यवस्था होने तक उनका वेतन यथावत जारी रहेगा। जर्जर भवन वाले विद्यालयों के सभी विद्यार्थियों को नजदीकी सुरक्षित भवन में पढ़ाया जाएगा।
जिन प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन 14 या उससे कम तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 29 या उससे कम है, वहां के विद्यार्थी पास के विद्यालय की कक्षाओं के साथ अध्ययन करेंगे। यदि कक्षावार नामांकन अधिक हुआ, तो विद्यालयों को दो पारियों में संचालित किया जाएगा। समान कक्षाएं एक ही पारी में चलाई जाएंगी, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।
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बैठने की व्यवस्था, कक्षा-कक्ष, प्रयोगात्मक कार्य, परीक्षाएं, खेलकूद और अन्य सभी शैक्षणिक गतिविधियां सुव्यवस्थित रूप से संचालित होंगी। विद्यार्थियों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा। यह पूरी व्यवस्था शीतकालीन अवकाश समाप्त होने से पहले लागू कर दी जाएगी, ताकि पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
जिले के 10 माध्यमिक विद्यालय होंगे शिफ्ट
जानकारी के अनुसार जिले के 10 उच्च माध्यमिक विद्यालयों को नजदीकी विद्यालयों में दो पारियों में संचालित करने की अनुमति दी गई है। आदेशों के अनुसार महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, बड़ियाल कलां को राउमावि बड़ियाल कलां में शिफ्ट किया गया है। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय सवाईपुरा और उदयपुरा के विद्यार्थियों को राउमावि चूड़ियावास में अध्ययन के लिए भेजा गया है। राउमावि बैजवाड़ी के विद्यार्थी राउमावि अभयपुरा में, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय धानी बालाजी के विद्यार्थी राउमावि लाड़ली का बास में पढ़ेंगे।
लालसोट में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय गांधी शाला के विद्यार्थियों को पीएमश्री आदर्श राउमावि लालसोट में, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय बेसिक शाला के विद्यार्थियों को बालिका राउमावि लालसोट में शिफ्ट किया गया है। महात्मा गांधी मटवास को श्री दामोदर प्रसाद खंडेलवाल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बनियाना में और राउमावि बूंटोली के विद्यार्थियों की कक्षाएं राउमावि गिरधरपुरा में संचालित होंगी।
42 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय भी होंगे शिफ्ट
जिले के 42 जर्जर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को नजदीकी स्कूलों में स्थानांतरित किया जा रहा है। इनमें राउप्रा विद्यालय बाढ़ बिशनपुरा को नारायणपुरा में, राप्रावि मित्रपुरा को भांडारेज मोड़ में, राप्रावि भोमिया पंडा मोहल्ला दौसा को मालियान दौसा में और राप्रावि मोहनपुरा को जैतपुरा में शिफ्ट किया जाएगा।
यह भी पढ़ें- राजस्थान हादसा: पैदल जा रहे श्रद्धालुओं पर ट्रक पलटने से तीन की मौत, आठ घायल; अस्पताल पहुंचे स्पीकर ओम बिरला
इसी तरह राप्रावि हरपट्टी को जगरामपुरा, राप्रावि किशोरपुरा प्यारीवास को रिंगरोट्या की ढाणी, राउप्रावि जीरोता कलां को सीमल की ढाणी, राप्रावि देलाड़ी को पुराना ठीकरिया और राउप्रावि झेरा को ढाई बापी में संचालित किया जाएगा। इसके अलावा राप्रावि बड़ा किशनपुरा को बिदरखा, राउप्रावि मुसोलाई को हरियाणा, राउप्रावि आनंदपुरा को फटक्यावास, राप्रावि बालाजी बनियाना को अंधेरिया बैंदड़ा ढाणी, राप्रावि गोठवाल ढाणी महाराजपुरा को पृथ्वीसिंहपुरा और अन्य विद्यालयों को सूची के अनुसार नजदीकी सुरक्षित भवनों में शिफ्ट किया जाएगा।
अस्थायी व्यवस्था, मरम्मत के बाद लौटेंगे पुराने भवन में
यह पूरी व्यवस्था अस्थायी है। जर्जर भवनों की मरम्मत या पुनर्निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सभी विद्यालयों को उनके मूल भवनों में वापस संचालित किया जाएगा। तब तक विद्यार्थियों के परिवहन, उपस्थिति और शिक्षण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश विद्यालय प्रबंधन को दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
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अधिशेष शिक्षक विद्यार्थियों की उपस्थिति, ठहराव और ड्रॉपआउट रोकने की जिम्मेदारी संभालेंगे। यदि समान कैडर के दो संस्था प्रधान हैं, तो रिक्त पद वाले अन्य विद्यालय में संस्था प्रधान का पदस्थापन किया जाएगा। व्यवस्था होने तक उनका वेतन यथावत जारी रहेगा। जर्जर भवन वाले विद्यालयों के सभी विद्यार्थियों को नजदीकी सुरक्षित भवन में पढ़ाया जाएगा।
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जिन प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन 14 या उससे कम तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 29 या उससे कम है, वहां के विद्यार्थी पास के विद्यालय की कक्षाओं के साथ अध्ययन करेंगे। यदि कक्षावार नामांकन अधिक हुआ, तो विद्यालयों को दो पारियों में संचालित किया जाएगा। समान कक्षाएं एक ही पारी में चलाई जाएंगी, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।
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बैठने की व्यवस्था, कक्षा-कक्ष, प्रयोगात्मक कार्य, परीक्षाएं, खेलकूद और अन्य सभी शैक्षणिक गतिविधियां सुव्यवस्थित रूप से संचालित होंगी। विद्यार्थियों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा। यह पूरी व्यवस्था शीतकालीन अवकाश समाप्त होने से पहले लागू कर दी जाएगी, ताकि पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
जिले के 10 माध्यमिक विद्यालय होंगे शिफ्ट
जानकारी के अनुसार जिले के 10 उच्च माध्यमिक विद्यालयों को नजदीकी विद्यालयों में दो पारियों में संचालित करने की अनुमति दी गई है। आदेशों के अनुसार महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, बड़ियाल कलां को राउमावि बड़ियाल कलां में शिफ्ट किया गया है। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय सवाईपुरा और उदयपुरा के विद्यार्थियों को राउमावि चूड़ियावास में अध्ययन के लिए भेजा गया है। राउमावि बैजवाड़ी के विद्यार्थी राउमावि अभयपुरा में, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय धानी बालाजी के विद्यार्थी राउमावि लाड़ली का बास में पढ़ेंगे।
लालसोट में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय गांधी शाला के विद्यार्थियों को पीएमश्री आदर्श राउमावि लालसोट में, महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय बेसिक शाला के विद्यार्थियों को बालिका राउमावि लालसोट में शिफ्ट किया गया है। महात्मा गांधी मटवास को श्री दामोदर प्रसाद खंडेलवाल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बनियाना में और राउमावि बूंटोली के विद्यार्थियों की कक्षाएं राउमावि गिरधरपुरा में संचालित होंगी।
42 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय भी होंगे शिफ्ट
जिले के 42 जर्जर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को नजदीकी स्कूलों में स्थानांतरित किया जा रहा है। इनमें राउप्रा विद्यालय बाढ़ बिशनपुरा को नारायणपुरा में, राप्रावि मित्रपुरा को भांडारेज मोड़ में, राप्रावि भोमिया पंडा मोहल्ला दौसा को मालियान दौसा में और राप्रावि मोहनपुरा को जैतपुरा में शिफ्ट किया जाएगा।
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इसी तरह राप्रावि हरपट्टी को जगरामपुरा, राप्रावि किशोरपुरा प्यारीवास को रिंगरोट्या की ढाणी, राउप्रावि जीरोता कलां को सीमल की ढाणी, राप्रावि देलाड़ी को पुराना ठीकरिया और राउप्रावि झेरा को ढाई बापी में संचालित किया जाएगा। इसके अलावा राप्रावि बड़ा किशनपुरा को बिदरखा, राउप्रावि मुसोलाई को हरियाणा, राउप्रावि आनंदपुरा को फटक्यावास, राप्रावि बालाजी बनियाना को अंधेरिया बैंदड़ा ढाणी, राप्रावि गोठवाल ढाणी महाराजपुरा को पृथ्वीसिंहपुरा और अन्य विद्यालयों को सूची के अनुसार नजदीकी सुरक्षित भवनों में शिफ्ट किया जाएगा।
अस्थायी व्यवस्था, मरम्मत के बाद लौटेंगे पुराने भवन में
यह पूरी व्यवस्था अस्थायी है। जर्जर भवनों की मरम्मत या पुनर्निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सभी विद्यालयों को उनके मूल भवनों में वापस संचालित किया जाएगा। तब तक विद्यार्थियों के परिवहन, उपस्थिति और शिक्षण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश विद्यालय प्रबंधन को दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।