Rajasthan News: ERCP परियोजना को लेकर दौसा विधायक बोले, ‘ये पूर्वी राजस्थान की जनता के कंठ काटने की योजना’
Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में दौसा विधायक मुरारी लाल मीणा ने ईआरसीपी परियोजना पर बोलते हुए कहा कि ईआरसीपी योजना के स्थान पर संशोधित पीकेसी योजना जिस पर राजस्थान, मध्य प्रदेश व केंद्र सरकार के मध्य जो एमओयू पर हस्ताक्षर हुए वह मात्र आंकड़ों का माया जाल है।
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दौसा विधायक मुरारी लाल मीणा ने विधानसभा में कहा है कि पूर्वी राजस्थान को उस से पानी मिलना शिफर है। यह एमओयू पूर्वी राजस्थान की जनता के कंठ काटने की योजना मात्रा के सिवाय कुछ नहीं है। दौसा विधायक मुरारी लाल मीणा ने कहा कि आपकी सरकार ने ही इस ईआरसीपी परियोजना का प्रोजेक्ट पहले बनाया था। उसमें निम्न कार्यों के लिए पानी की मात्रा निर्धारित की थी, जिसमें सिंचाई को 1723.5 MCM उद्योगों के लिए 2086.4 MCM, 80 हजार MCM पानी से 26 बांधों को भरा जाएगा तथा 1500 MCM पानी से 2 हजार हेक्टर भूमि की सिंचाई होगी। आज जो एमओयू साइन हुआ है उसमें कहीं भी यह नहीं लिखा गया है कि राजस्थान को कितना पानी इस परियोजना से मिलेगा।
इस परियोजना को लटकाए रखा
इसके साथ ही हमारी सरकार ने 26 बांधों के अलावा 53 बांधों को और इंगित किया गया था, यानी कुल 79 बांधों को इस परियोजना से जोड़ा गया था, उसका भी इसमें कहीं उल्लेख समझौते में नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग थी कि इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया जाए, लेकिन केंद्र में आपकी सरकार होने के बावजूद वोट पॉलिटिक्स को देखते हुए इस परियोजना को लटकाए रखा गया और आपकी ओछी राजनीति की वजह से इन जिलों के वासियों को पानी के लिए तरसते रहे हैं।
2000 MCM पानी भी नहीं मिल पाएगा
कांग्रेस सरकार ने अपने स्तर पर इस परियोजना के लिए राशि जारी की, जो निरंतर ईसरदा बांध पर कार्य चल रहा है, पानी की पाइपलाइन बिछाई जा रही है। बीजेपी सरकार इसमें भी रोड़ा बन रही है। दौसा विधायक मुरारी लाल मीणा ने सदन में कहा कि मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि इस पीकेसी योजना में राजस्थान को 2000 MCM पानी भी नहीं मिल पाएगा, जिससे कैसे सिंचाई और कैसे आम आदमी की प्यास बुझाई जाएगी, उद्योगों को तो मिलना ही मुश्किल है।