अब जानवर भी दौड़ेंगे नकली पैर से
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देश के पशुपालकों के लिए खुशखबरी है। मनुष्य के बाद अब जानवर भी कृत्रिम पैर के सहारे दौड़ सकेंगे।
पशु विशेषज्ञों और भगवान महावीर विकलांग समिति ने ऐसे कृत्रिम पैर तैयार किए हैं, जिनके सहारे से मवेशी व अन्य जानवर आसानी से चल फिर सकते हैं।
इस कृत्रिम पैर का सफल परीक्षण हाल ही दुर्घटना में पैर गंवा चुके एक बछड़े पर करके देखा जा चुका है। पैर लगने के बाद बछड़े ने चल-फिरके नहीं, बल्कि दौड़कर भी दिखा दिया।
कीमत भी बेहद कम
परीक्षण के बाद कृत्रिम पैर का नाम इस बछड़े के नाम पर कृष्णा प्रोस्थेटिक लिम्ब रखा गया है। इसकी लागत 2500-3000 रुपए के बीच है।
पशु चिकित्सा पॉलीक्लिनिक चिकित्सक डॉ. तपेश माथुर और भगवान महावीर विकलांग समिति के तकनीक मैनेजर ओम प्रकाश शर्मा ने यह कृत्रिम पैर तैयार किया है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल तीन वर्षीय बछड़े को कृत्रिम पैर की आदत डाली जा रही है।
मरने से बचाया जाएगा गायों को
दुर्घटना या अन्य कारणवश पैर कटने पर जानवर का चलना-फिरना बंद हो जाता है, जिससे कमजोर होकर उसकी मौत हो जाती है। इस पैर से जानवरों को मरने से बचाया जा सकेगा।
फिलहाल गायों को बचाने की तरफ ध्यान दिया जाएगा। शुरूआत होने के कारण अभी कृत्रिम पैर घुटने के नीचे तक का ही बना है।
घुटने से ऊपर के कृत्रिम पैर का प्रयोग अभी तक सफल नहीं हो पाया है।