Ajmer: ब्यावर के अमृतकौर अस्पताल में हंगामा, पोस्टमार्टम को लेकर डॉक्टर और विधायक में विवाद
अजमेर में एक युवक की मारपीट के बाद मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टर परिजनों को एक सीएचसी से दूसरे सीएचसी भेजते रहे। जिससे हंगामा हो गया।
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अजमेर के ब्यावर के सबसे बड़े राजकीय अमृतकौर अस्पताल में रविवार को हंगामा हो गया। यहां एक मामले में पोस्टमार्टम करवाने को लेकर भाजपा विधायक और डॉक्टर के बीच जमकर कहासुनी हो गई। अस्पताल प्रभारी के सामने दोनों ने एक-दूसरे को तेवर दिखाए। हंगामे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा।
कालादाता गांव निवासी जितेंद्र सिंह की रविवार को मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि जितेंद्र के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की थी। परिजन पोस्टमार्टम करवाने के लिए टॉडगढ़ अस्पताल पहुंचे। यहां से उन्हें जवाजा भेज दिया गया। जवाजा सीएचसी से ब्यावर रैफर किया गया। यहां पुलिस ने राजकीय अमृतकौर अस्पताल के मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. राकेश बिरानियां को तहरीर दी। इस पर डॉक्टर ने सहायक पुलिस अधीक्षक कार्यालय से आदेश मांगा। इस बात को लेकर परिजन नाराज हो गए। बड़ाखेडा सरपंच पृथ्वीपाल सिंह ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम करवाने की बजाय डॉक्टर चक्कर लगवाकर परेशान कर रहे हैं।
अस्पताल में ग्रामीणों को रही समस्या की सूचना पाकर विधायक शंकर सिंह रावत अस्पताल पहुंचे और पोस्टमार्टम नहीं करने पर नाराजगी जताई। यहां अस्पताल प्रभारी डॉ. सुरेंद्र सिंह चौहान के सामने मेडिकल ज्यूरिस्ट और विधायक के बीच कहासुनी और विवाद हो गया। दोनों ने एक-दूसरे को तेवर दिखाए। विधायक और अस्पताल प्रभारी के सामने मेडिकल ज्यूरिस्ट कुर्सी पर ही बैठे रहे। काफी देर चले हंगामे के बाद प्रभारी डॉक्टर ने मेडिकल बोर्ड का गठन कर पोस्टमार्टम करवाया और शव परिजन को सौंपा।