Rajasthan: बजट सत्र से पहले इस्तीफे वापस लेंगे विधायक, विवाद खत्म कर गहलोत-पायलट खेमे में सुलह की कोशिश
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र से पहले चुनावी साल में सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट खेमों का विवाद खत्म करने पर कांग्रेस हाईकमान ने काम शुरू कर दिया है। गहलोत खेमे के 91 विधायकों को इस्तीफे वापस लेने को कह दिया गया है।
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विस्तार
कांग्रेस हाईकमान ने 25 सितम्बर को कांग्रेस विधायक दल की बैठक का बहिष्कार कर पैरेलल विधायकों की बैठक करने और विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी को इस्तीफे देने वाले करीब 91 कांग्रेस विधायकों को इस्तीफे वापस लेने को कहा है। जिसके बाद कई विधायकों ने इस्तीफे वापस लेने के लिए पत्र भी विधानसभा अध्यक्ष को लिख दिए हैं। प्रभारी रंधावा ने शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी से भी लम्बी चर्चा की। इस मुलाकात के मायने निकाले जा हैं कि उन्होंने कांग्रेस हाईकमान का मैसेज देते हुए विधायकों के इस्तीफे का विवाद खत्म करने पर चर्चा की है। जिसे गहलोत-पायलट खेमों में सुलह की कवायद माना जा रहा है।
मंत्री बोले- हां ऐसा चल रहा है, कुछ विधायकों ने पत्र लिखे
अमर उजाला से बातचीत में प्रदेश कांग्रेस सरकार के दो मंत्रियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर खबर की पुष्टि की है। मंत्रियों ने कहा- ऐसा चल रहा है। कुछ विधायकों ने इस्तीफे वापस लेने के लिए पत्र भी विधानसभा अध्यक्ष को लिख दिए हैं।
कांग्रेस हाईकमान का मैसेज बताया
पिछले तीन दिन की रायशुमारी और फीडबैक प्रोग्राम में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गहलोत और पायलट दोनों से मुलाकात की। मंत्रियों और विधायकों के अलावा जिलाध्यक्षों, नेताओं से भी चर्चा की है। सूत्रों के मुताबिक रंधावा ने जब इसे कांग्रेस हाईकमान का मैसेज विधायकों को बताया। साथ ही कहा कि चुनावी तैयारियों में एकजुट होकर उतरना है। विधायक इस्तीफे वापस लेने के लिए स्पीकर को चिट्ठी लिखें, तो किसी ने इनकार नहीं किया। सभी सहमत नजर आए।
रंधावा ने स्पीकर सीपी जोशी से की मुलाकात
प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी से उनके सरकारी निवास पर मुलाकात की। माना जा रहा है मुलाकात में रंधावा ने कांग्रेस आलाकमान के मैसेज की जानकारी देकर विधायकों का इस्तीफा विवाद निपटाने पर चर्चा की है। इस मुलाकात को गहलोत और पायलट खेमे में सुलह की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
बजट सत्र में विपक्ष इस मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरने वाला है
कांग्रेस के 91 विधायकों के 25 सितंबर को दिए गए इस्तीफे पर अब तक कोई एक्शन नहीं लेने पर विधानसभा अध्यक्ष और सरकार को विपक्ष विधानसभा के बजट सत्र की शुरूआत के साथ ही पुरजोर तरीके से घेरने की तैयारी में है। बीजेपी विधायक दल विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर एक्शन लेने के लिए ज्ञापन दे चुका है। अब 23 जनवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र में बीजेपी और विपक्ष इस मुद्दे पर फिर से विधानसभा अध्यक्ष से इस्तीफों पर स्थिति साफ करने की मांग करेंगे। तो स्पीकर को मामले पर रूलिंग देनी होगी या सरकार को जवाब देना होगा। ऐसी विपरीत परिस्थिति से बचने के लिए यह कवायद शुरू की गई है कि इस्तीफे ही वापस ले लिए जाएं। कांग्रेस पार्टी और सरकार को सदन के अंदर और बाहर किरकिरी से बचाने और जनता में गहलोत-पायलट खेमे में सुलह का मैसेज देने के लिए यह पूरी कवायद की जा रही है।
राजस्थान हाईकोर्ट में देना होगा जवाब
विधानसभा अध्यक्ष की ओर से कांग्रेस विधायकों के इस्तीफों पर 25 सितम्बर से अब तक एक्शन नहीं लेने और स्थिति स्पष्ट नहीं करने पर उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगा रखी है। जिस पर हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष से जवाब मांगा है ।
रंधावा की रायशुमारी में गहलोत-पायलट विवाद गूंजा
मंत्री , विधायकों, जिलाध्यक्षों, नेताओं से हुई प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा की रायशुमारी बैठक में सीएम गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच विवाद का मुद्दा काफी उठा। कुछ मंत्री-विधायकों ने सुझाव दिया कि विधानसभा चुनाव की तैयारी और बजट सत्र से पहले यह विवाद सुलझाना बेहद जरूरी है। वरना सरकार और पार्टी को जवाब देना भारी पड़ेगा। यह भी सुझाव दिया गया कि दोनों नेताओं का विवाद खत्म करवा कर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बना कन्फ्यूजन भी खत्म किया जाए। ताकि एकजुट होकर चुनाव में उतरा जा सके।
रंधावा ने कहा-विवाद सुलझाने का काम मेरा है
विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी से मुलाकात के बाद जयपुर के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में प्रभारी रंधावा ने गहलोत - पायलट विवाद खत्म करने की बात कही थी। मंत्रियों-विधायकों के सुझाव पर रंधावा ने कहा कि विवाद सुलझाने का काम मेरा है, उनका नहीं है। मैं 5 स्टार होटल में नहीं, बल्कि लोगों के बीच में बैठा हूं। विवाद को सुलझा लेंगे।
चंडीगढ़ चले गए रंधावा
प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा जयपुर में सीएम गहलोत, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के अलावा तमाम मंत्री-विधायकों, जिला अध्यक्षों, कांग्रेस पदाधिकारियों से तीन दिन की रायशुमारी के बाद शुक्रवार शाम चंडीगढ़ चले गए हैं। माना जा रहा है अब उनके मैसेज के आधार पर सरकार और प्रदेश कांग्रेस काम करेंगे।