फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Confrontation between officials of Rajasthan Public Service Commission and Anti Corruption Bureau

Rajasthan: आरएएस अधिकारी एसीबी के विरोध में उतरे, कहा- माफी नहीं, निलंबन चाहिए, जानें क्या है मामला

Fri, 29 Apr 2022 03:15 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Fri, 29 Apr 2022 03:15 PM IST
सार

आरएएस और एसीबी अधिकारियों में टकराव के हालात बन गए हैं। इसका कारण है बिना प्रक्रिया पूरी किए एक आरएएस अधिकारी को पूछताछ के लिए ले जाने का। अब दो दिन बद इस मामले के तूल पकड़ लिया है।

विज्ञापन
Confrontation between officials of Rajasthan Public Service Commission and Anti Corruption Bureau
मुख्य सचिव ऊषा शर्मा से मिले आरएएस अधिकारी। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरएएस) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में टकराव के हालात बन गए हैं। इसका कारण है बिना प्रक्रिया पूरी किए एक आरएएस अधिकारी को पूछताछ के लिए ले जाने का। अब दो दिन बद इस मामले के तूल पकड़ लिया है। इससे सुलझाने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्य सचिव ऊषा शर्मा को दी है। वहीं आरएएस अधिकारी इस तरह की कार्रवाई करने वाले एसीबी अफसरों के निलंबन की मांग कर रहे हैं।  

विज्ञापन


जाने क्या है विवाद    
दरअसल, दो दिन पहले एसीबी बिना प्रक्रिया के आरएएस अधिकारी भागचंद्र बघाल को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई थी। इस मामले ने ब्यूरोक्रेसी में हलचल मचा दी है। आरएएस अधिकारी इस बार समझौता करने को तैयार नहीं हैं। आरएएस अधिकारियों के सोशल मीडिया ग्रुप में एक ही सवाल किया जा रहा है कि सीनियर आरएएस अधिकारी को बिना किसी सबूत के एसीबी पूछताछ कैसे ले गई ? उनका आरोप है कि राजस्थान को पुलिस स्टेट बनाकर रख दिया गया है। मुख्य सचिव ने मामले को सुलझाने के लिए एसीबी और आरएएस एसोसिएशन के उच्च अधिकारियों को बुलाया, लेकिन बात नहीं बनी। आरएएस अधिकारी बघाल को ले जाने वाले एसीबी अधिकारी के निलंबन की मांग पर अड़े हुए हैं। 
विज्ञापन


माफी नहीं सस्पेंशन चाहिए
आरएएस अधिकारियों का कहना है कि पूरे राजस्थान में हड़ताल करनी पड़ी तो करेंगे, लेकिन इस बार माफी नहीं निलंबन ही चाहिए। वहीं मुख्य सचिव ऊषा शर्मा ने एसीबी के अधिकारी से माफी मंगवाने की बात कही। इस पर आरएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि माफी समाधान नहीं है। अफसर की इज्जत गई है। ये बर्दाश्त से बाहर है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक आरएएस अधिकारी ने यह तक कह दिया कि मेरी और पूछताछ के लिए ले जाने वाले एसीबी के अधिकारी की संपत्ति की जांच करवा ली जाए, दूध का दूध-पानी का पानी हो जाएगा।  जिसके पास आय से ज्यादा संपत्ति हो उसे जेल में डाल दो। यदि मेरी संपत्ति आय से ज्यादा मिलती है तो मुझे सीएस दफ्तर से ही गिरफ्तार कर लिया जाए, इसमें देर नहीं करनी चाहिए। 

आरएएस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा की पुलिस पर मॉनिटरिंग का सिस्टम तक नहीं है। एसीबी के अफसर दूध के धुले हुए नहीं हैं। एक आरएएस अफसर से एसआई रैंक का पुलिसकर्मी पूछताछ कर रहा है। यह बेहद ही शर्मनाक है।

 
आरएएस अधिकारी ने यह पोस्ट लिखा  
बता दें कि पूछताछ के लिए ले जाए गए आरएएस अधिकारी ने अपना दर्द अपने कैडर के अधिकारियें के साथ साझा किया। सोशल मीडिया पर बनाए गए ग्रुप में उन्होंने लिखा कि 'एसीबी कल मुझे ले ही गई, मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया जैसै में भ्रष्ट हूं। इसे आरएएस कैडर का दुर्भाग्य ही कहूंगा, कुछ अधिकारी इसे सामान्य बात मान सकते हैं, लेकिन यदि मुझे एसीबी ले जा सकती हैं तो फिर सभी को इसके लिए तैयार रहना चाहिए'। इस पोस्ट के सामने आने के बाद आरएएस एसोसिएशन ने इसे लेकर रणनीति बनाई है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed