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Rajasthan: कोचिंग संस्थानों में सुसाइड रोकने कमेटी बनी, 15 दिन में देगी रिपोर्ट, 9 महीने में कोटा में 19 मौतें
Fri, 18 Aug 2023 10:45 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 18 Aug 2023 10:45 PM IST
सार
कोटा समेत राजस्थान की कोचिंग संस्थाओं में पढ़ने वाले बच्चे लगातार आत्महत्याएं कर रहे हैं। कोटा पिछले आठ महीने में 19 बच्चे खुदकुशी कर चुके हैं। इसी रोकथाम के लिए सीएम अशोक गहलोत ने कमेटी बनाई है जो 15 दिन में सुझाव देकर बताएगी कि इन सुसाइड को कैसे रोका जा सकता है।
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सीएम अशोक गहलोत।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोटा समेत राजस्थान की कोचिंग सेंटर में छात्रों की आत्महत्याएं रोकने के लिए सीएम अशोक गहलोत ने एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी का अध्यक्ष उच्च और तकनीकि शिक्षा सचिव भवानी सिंह देथा को बनाया गया है। इसमें कोटा के ऐलेन कोचिंग संस्थान के प्रतिनिधि को खास तौर पर शामिल किया गया है। कमेटी 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी, उसके आधार पर सरकार ठोस निर्णय लेगी।
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार देर शाम 7 बजे से रात 9 बजकर 10 मिनट तक कोचिंग सेंटर्स के संचालकों और स्टेक होल्डर्स की बैठक ली। खास तौर पर कोटा के कोचिंग संचालक इसमें शामिल किए गए। विद्यार्थियों के हित में कोचिंग संचालकों के साथ संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक कमेटी बनाने की घोषणा की है, जो 15 दिन में अपने सुझाव देगी, जिसके आधार पर सरकार ठोस निर्णय लेगी कि आगे सुसाइड केसों की रोकथाम के लिए क्या रुख अपनाना है।
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सीएम गहलोत ने बैठक में कहा- कमेटी बनाने की मैंने घोषणा कर दी है। उन्होंने कोटा के ऐलेन कोचिंग इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधि को खास तौर पर कहा कि आप इस कमेटी के अंदर आइए, 15 दिन के अंदर हमको रिपोर्ट चाहिए कि क्या क्या करना चाहिए। बैठकर बात कीजिए। आगे के लिए क्या-क्या होना चाहिए। हम सब मिलकर ही रास्ता निकालेंगे। सभी को बच्चों के भविष्य की चिंता हो रही है।
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सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि सवाल ये है कि हम आगे कैसे बढ़ें। ये समस्या खाली राजस्थान की नहीं है पूरे देश की समस्या है। मैंने एनसीआरबी का डाटा देखा है। 2021 में देशभर में 13 हजार छात्रों ने आत्महत्याएं की हैं। महाराष्ट्र में 1834, एमपी में 1308, तमिलनाडु 1246, कर्नाटक में 855 और उड़ीसा में 834 सुसाइड शामिल हैं।
सीएम ने कहा-डीजी कह रहे थे कि एक बच्चा भी चला जाए तो परेंट्स को क्या दुख होता है। यह कल्पना से बाहर है, इसलिए मैंने जानबूझकर अचानक ही सीएस को फोन किया। 8 महीने में 18 डेथ की सुन रहे थे, अभी कल या परसो 1 डेथ और हो गई। यानी 19वीं डेथ हो गई। सभी मिलकर कोई रास्ता निकले, जो सुझाव आए हैं उनके आधार पर हम आगे लॉजिकल कॉन्क्लूजन पर कैसे पहुंचे। इसलिए कोचिंग इंस्टीट्यूट्स प्रबंधकों को बुलाया गया।
बैठक में शिक्षा मंत्री डॉ बीडी कल्ला, शिक्षा राज्यमंत्री जाहिदा खान, गृह राज्य मंत्री राजेंद्र यादव, उच्च और तकनीकि शिक्षा सचिव भवानी सिंह देथा, मुख्य सचिव उषा शर्मा, डीजीपी उमेश मिश्रा समेत शिक्षा विभाग के आला अधिकारी, कोटा के सम्भागीय आयुक्त, कलेक्टर भी जुड़े, साथ ही कई कोचिंग इस्टीट्यूट्स के प्रबंधक मौजूद रहे।
स्टेक होल्डर्स पैरेंट्स और संस्थाओं के प्रबंधक होंगे
सीएम गहलोत ने उच्च और तकनीकि शिक्षा सचिव भवानी सिंह देथा से कहा- देथा साहब मैं आपको कहना चाहूंगा कि आपकी अध्यक्षता में ही एक कमेटी बने। जिसके स्टेक होल्डर्स पैरेंट्स भी हों और आपके संस्थाओं के प्रबंधक भी हों, जिनकी सुझाव देने की रूचि हो, सब को स्टेक होल्डर्स में डाल दें। लम्बा समय नहीं है, 15 दिन में रिपोर्ट दें। रिसर्च भी कर सकते हैं गूगल पर, जो भी देश में आपको अच्छी बात लगे। देश में या दुनिया में नवाचार हो रहे हैं, मनोचिकित्सक डॉ त्यागी को भी आप साथ में रख सकते हैं। दुनिया में कोई भी जानकारी मिल रही हो, सब मिलाकर सबके जो सुझाव आएं, उस पर कोई कॉन्क्रीट फैसला होना चाहिए, ताकि हम संस्थाओं को रेग्युलेट भी करें।