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Rajasthan: गहलोत बोले- प्रदेश के चिकित्सा मॉडल को अपनाए केंद्र, PM के कार्यक्रम से मेरा नाम हटाने की जांच हो

Wed, 23 Aug 2023 05:59 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Wed, 23 Aug 2023 05:59 PM IST
सार

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राजस्थान के चिकित्सा मॉडल को केंद्र सरकार को अपनाना चाहिए। गहलोत ने पीएम मोदी से इसका आग्रह किया। साथ ही कहा कि 27 जुलाई को सीकर में कार्यक्रम संबोधन की सूची से मेरा नाम हटाना दुर्भाग्यपूर्ण है। पीएम इसकी जांच कराएं।

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CM Ashok Gehlot says central government should adopt medical model of Rajasthan
सीएम अशोक गहलोत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीएम गहलोत ने बुधवार को 887 करोड़ रुपए की लागत से मेडिकल कॉलेजों से सम्बंधित चिकित्सा संस्थानों के 32 कार्यों और 3 नर्सिंग कॉलेजों के भवनों का शिलान्यास किया। साथ ही, 379 करोड़ रुपए के 36 कार्यों का लोकार्पण भी किया। गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास पर 1266 करोड़ रुपए के 68 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण समारोह को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मजबूत ढांचा तैयार किया गया है। 
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स्वास्थ्य योजनाओं के इफेक्टिव इम्पलीमेंटेशन से गांवों-कस्बों तक उत्कृष्ट चिकित्सकीय सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के चिकित्सा मॉडल को पूरे देश में सराहा जा रहा है। स्वास्थ्य का अधिकार, 25 लाख रुपए तक निःशुल्क उपचार के लिए मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना सहित निःशुल्क दवाईयां और जांच सुविधा में राजस्थान देश का एकमात्र राज्य बन गया है। सीएम अशोक गहलोत ने 7.15 करोड़ रुपए लागत से तैयार मोबाइल कैंसर निदान वैन को भी हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर सक्सेस स्टोरीज की पुस्तिका कैंसर जागरूकता पोस्टर और पेम्पलेट का विमोचन किया गया।
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चिरंजीवी योजना में 50 लाख से ज्यादा मरीजों का उपचार किया जा चुका
सीएम ने कहा-चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में 50 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है। रोज़ाना 1.50 लाख जांच निःशुल्क की जा रही है। प्रदेश में एमआरआई. और सी.टी स्केन जैसी महंगी जांचों के साथ-साथ हार्ट, लीवर, बोनमैरो ट्रांसप्लांट जैसा महंगा इलाज भी निःशुल्क करवाया जा रहा है। इसी का सफल रिजल्ट है कि मां और शिशु की मृत्यु दर में भी कमी आई है।
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प्रधानमंत्री से राजस्थान जैसी चिकित्सकीय योजनाओं को पूरे देश में लागू करने का आग्रह
गहलोत ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र राजस्थान देश में मॉडल स्टेट बन गया है उन्होंने प्रधानमंत्री से राज्य की जैसी चिकित्सकीय योजनाओं को पूरे देश में लागू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान मॉडल को अपनाकर देशवासियों को एक समान चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया कराई जानी चाहिए। राज्य के अनुभवी चिकित्सकों से विचार-विमर्श करने के साथ हमारे मॉडल का अध्ययन भी कराना चाहिए। 

सूची से नाम हटाना दुर्भाग्यपूर्ण, जांच कराए पीएम
गहलोत ने 27 जुलाई 2023 को सीकर में हुए कार्यक्रम की सम्बोधन सूची से नाम हटाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री से मामले की जांच कराने का आग्रह भी किया।

एमबीबीएस और पीजी की बढ़ी सीटें
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों को टाइम बाउंड शुरू कराकर क्वालिटी के साथ कम्प्लीट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सवाई मानसिंह अस्पताल में 538 करोड़ रुपए लागत से 1200 बेड वाला देश का सबसे ऊंचा आईपीडी टॉवर तैयार हो रहा है।

वर्ष 2018 में एमबीबीएस में सीटें 1850 से बढ़कर अब 3830
सीएम ने कहा- वर्ष 2018 में एमबीबीएस में सीटें 1850 से बढ़कर अब 3830 हो गई हैं। राज्य में 4 सालों में 26 नए नर्सिंग कॉलेज खोले गए और पी.जी में 960 से बढ़कर 1690 सीटें हो गई हैं। जिससे 1,560 नर्सिंग सीटों में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 3 जिलों राजसमंद, जालौर और प्रतापगढ़ में मेडिकल कॉलेज स्वीकृत नहीं किए जाने पर अब राज्य सरकार ने कॉलेज बनाने का फैसला किया है।

बढ़ाई गई सुपर स्पेशलिटी सेवाएं
गहलोत ने कहा कि राज्य में सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। सभी संभागीय मेडिकल कॉलेजों में एंडोक्रिनोलॉजी गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, गैस्ट्रो-सर्जरी, ऑन्कोलॉजी, ऑको–सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी और कार्डियोलॉजी की सुविधा शुरू की गई है। साथ ही राजमेस के 7 मेडिकल कॉलेजों में कार्डियोलॉजी गैस्ट्रोएन्टेरोलॉजी, न्यूरोलॉजी और यूरोलॉजी की सुविधाएं मंजूर की गई हैं। राज्य में 4 सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल जयपुर, उदयपुर, कोटा और बीकानेर में शुरू किए गए है। साथ ही राज्य कैंसर संस्थान, जयपुर में शुरू किया गया है।

जयपुर में 300 करोड़ का इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो साइंसेस और इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थेल्मॉलोजी 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर में लगभग 300 करोड़ रुपए लागत से इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो साइंसेस और इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थेल्मॉलोजी की स्थापना की जाएगी। इसमें 78 करोड़ रुपए से 2 मंजिला पार्किंग का निर्माण भी शामिल है। साथ ही कोटा और अजमेर में इंस्टीट्यूट ऑफ पीडियाट्रिक्स नियोनेटोलॉजी एंड मेटरनिटी स्वीकृत किए गए हैं। जोधपुर में क्षेत्रीय कैंसर संस्थान का निर्माण कराया जा रहा है।

3 जिलों में मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपए स्वीकृत
चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री  परसादी लाल मीणा ने कहा कि प्रदेश चिकित्सा क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल कर रहा है। चिकित्सकीय सुविधाओं में वित्तीय कमी नहीं आने दी जा रही है। तीन जिलों में मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपए और मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए भी 500 करोड़ रुपए स्वीकृत किए है। नर्सिंग कॉलेजों की संख्या भी बढ़कर अब 40 हो गई है। सुविधाओं का विस्तार निरंतर जारी रहेगा। 

चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता-सीएस
मुख्य सचिव उषा शर्मा ने कहा कि चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य ने अभूतपूर्व प्रगति की है प्रदेशवासियों को सहज, सुलभ तथा गुणवत्तापूर्ण इलाज स्थानीय स्तर पर ही मिल रहा है।


6 मोबाइल अर्ली कैंसर डिटेक्शन वाहनों को दिखाई हरी झंडी
मुख्यमंत्री ने शिलान्यास और लोकार्पण समारोह से पूर्व मुख्यमंत्री निवास से कैंसर के अर्ली डिटेक्शन के लिए 7.15 करोड़ रुपए से तैयार मोबाइल कैंसर निदान वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों के जरिए प्रारंभिक स्तर पर ही आवश्यक टेस्ट किए जाएंगे। यह वाहन आरआरईसीएल, एचपीसीएल, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड, ग्रीन को रिलायंस फाउंडेशन, एलएन मित्तल-एचईएमएल और रीन्यू पॉवर की ओर से कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉसिबिलिटी ( सीएसआर) के तहत उपलब्ध कराए गए हैं। नए तीन संभागों-पाली, बांसवाड़ा और सीकर में हिंदुस्तान जिंक द्वारा 3 वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। समारोह में नगरीय विकास मंत्री  शांति धारीवाल, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास आपदा प्रबंधन और सहायता मंत्री गोविन्द राम मेघवाल, विधायक रफीक खान,  अमीन कागजी, नरेंद्र बुड़ानिया, कृष्णा पूनिया, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा टी. रविकांत चिकित्सा शिक्षा आयुक्त नकाते शिवप्रसाद मदन, आरयूएचएस के कुलपति डॉ. सुधीर भंडारी, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजीव बगरट्टा सहित विभागीय अधिकारी और चिकित्सक उपस्थित रहे। साथ ही विभिन्न जिलों से जिला प्रशासन के अधिकारी और चिकित्सक भी वी.सी से जुड़े।
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