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Chittaurgarh: रेलवे टिकट कालाबाजारी केस में 1 आरोपी गिरफ्तार, IRCTC अधिकृत एजेंट नहीं होने पर भी बेचता था टिकट

Wed, 07 Aug 2024 06:22 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़ Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 07 Aug 2024 06:22 PM IST
सार

रेलवे रिजर्वेशन के टिकटों की कालाबाजारी को लेकर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी IRCTC का अधिकृत एजेंट नहीं होने के बावजूद भी अपनी आईडी बनाकर टिकटों की बिक्री कर रहा था।

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Chittaurgarh RPF accused arrested railway ticket black marketing case sell tickets was not IRCTC agent
आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रेलवे में टिकट रिजर्वेशन में वेटिंग बढ़ती जा रही है। कई व्यक्तियों को समय पर टिकट का रिजर्वेशन नहीं होने पर यात्रा कैंसिल करनी पड़ती है। वहीं, दूसरी और ई-टिकटिंग की कालाबाजारी बढ़ती जा रही है। ऐसी ही ई-टिकटिंग की कालाबाजारी का मामला पकड़ा है। इसमें एक दुकानदार को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब डेढ़ लाख मूल्य के 57 ई-टिकट पकड़े हैं। इस संबंध में रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है। रतलाम रेल मंडल में ई-टिकट की कालाबाजारी के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है।
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रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) चित्तौड़गढ़ के थानाधिकारी नाथूराम जाट ने बताया कि रेलवे के आरक्षित ई-टिकटों की कालाबाजारी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। निंबाहेड़ा में भी इस तरह की सूचना मिल रही थी। इस पर अपराध शाखा रतलाम के उप निरीक्षक किरण हठीला मय स्टॉफ के टीम निंबाहेड़ा पहुंची। इस टीम ने आजाद कॉलोनी मार्ग निंबाहेड़ा निवासी मुकेश पुत्र सागरमल चौपड़ा को पकड़ा। यह रेलवे के आरक्षित टिकटों की कालाबाजारी में लिप्त पाया गया।
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बता दें कि इससे 60 रेलवे के आरक्षित टिकट पकड़े, जिनका अनुमानित मूल्य एक लाख 38 हजार 460 रुपये था। यह मौके पर एक टिकट भी बना रहा था, जिसे जब्त किया है। एक एचपी कंपनी का सीपीयू भी जब्त किया है, जिससे टिकट बुक किए जा रहे थे। आरपीएफ थानाधिकारी ने बताया कि टीम आरोपित को पकड़कर आरपीएफ थाने लेकर आई। यहां अनुसंधान अधिकारी उप निरीक्षक जनक सिंह ने इसे पूछताछ की। इसमें इसने चित्तौड़ी गेट निंबाहेड़ा पर चोपड़ा एयर ट्रैवेल्स एवं रेलवे रिजर्वेशन के नाम से दुकान पर छह पर्सनल आईडी से टिकट बनाना स्वीकार किया।

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Chittaurgarh RPF accused arrested railway ticket black marketing case sell tickets was not IRCTC agent
आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

बुजुर्ग महिला की हत्या मामले में आजीवन कारावास
चित्तौड़गढ़ शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में करीब दो साल पहले बुजुर्ग महिला की हत्या कर चांदी की कड़िया लूटने के लिए पैर काटने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय चित्तौड़गढ़ के न्यायाधीश ने अभियुक्त को आजीवन कारावास सुनाया है। न्यायालय ने गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य को मुख्य मानते हुए अभियुक्त को सजा सुनाई।

लोक अभियोजक सुरेश चंद्र शर्मा ने बताया कि चित्तौड़गढ़ शहर के चामटीखेड़ा में दिवाकर नगर निवासी चांदीबाई पत्नी प्रताप सालवी की 26 जुलाई 2022 को हत्या हो गई थी। चांदीबाई अपने घर में अकेली थी। इस दौरान अभियुक्त राकेश मकान में घुस गया। यहां चांदी बाई की हत्या कर दी और पैर में पहनी चांदी की कड़ियां लूटने के लिए पैर काट दिए। चांदी की कड़ियां निकाल कर यह भागने वाला ही था कि तभी मृतका का पुत्र अंबालाल मकान पर घास लेने आया आ गया। कमरे में घुसा तो अभियुक्त उसे धक्का देकर भागने लगा। इससे अंबालाल असंतुलित हो गया।

प्रार्थी ने कमरे में देखा तो उसकी मां की मौत हो चुकी थी। इस पर वह बाहर आया तो आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हो गए। अभियुक्त राकेश कॉलोनी के ही एक मकान की छत पर बने बाथरूम में छिप गया था। इसे भागते हुए बद्रीलाल की चचेरी बहन ने भी देखा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां से अभियुक्त को मौके से ही पकड़ लिया।

इस संबंध में प्रार्थी अंबालाल पुत्र प्रताप सालवी ने कोतवाली थाने में प्रकरण दर्ज करवाया था। पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर मामले का अनुसंधान किया। अभियुक्त भीलवाड़ा जिले के बडलियास थाना क्षेत्र में आने वाले चांदगढ़ निवासी राकेश पुत्र बद्रीलाल चमार के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से 52 दस्तावेज प्रदर्शित किए और 17 गवाहों के बयान करवाए।

न्यायालय ने प्रार्थी अंबालाल तथा इसके एक अन्य रिश्तेदार के बयानों को महत्वपूर्ण माना। अभियुक्त जिस दुकान से हथियार लेकर आया था, उसे दुकानदार की गवाही भी इस प्रकरण में महत्वपूर्ण रही। साथ ही गवाह ने अपनी दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी उपलब्ध करवाई थे। मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय चित्तौड़गढ़ के न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने अभियुक्त को हत्या के मामले में दोषी माना। अभियुक्त को धारा-302 में आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड व धारा-455 में 10 साल का कठोर कारावास 10 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया।

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