फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Chait Navratri Annapurna Mata covered with 121 meter long chunri  Baran Temple

Rajasthan: अन्नपूर्णा माता को ओढ़ाई 121 मीटर लंबी चुनरी, जंगल के बीच है 100 साल पुराना मंदिर

Tue, 28 Mar 2023 07:09 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Tue, 28 Mar 2023 07:09 PM IST
सार

अन्नपूर्णा माता का मंदिर करीब 100 साल पुराना है। बुजुर्ग बताते हैं कि मातारानी दरबार में आने वाले हर श्रद्धालु की मुराद पूरी करती हैं। वंश बढ़ाने वाली महामाई सूनी कोख भी भर देती हैं।

विज्ञापन
Chait Navratri Annapurna Mata covered with 121 meter long chunri  Baran Temple
अन्नपूर्णा माता मंदिर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के बारां जिले के शाहाबाद उपखंड में राजपुर गांव से 3 किमी अंदर जंगल में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ कोटरागढ़ दरबार अन्नपूर्णा महारानी के स्थान पर आज अलग ही नजारा देखने को मिला। राजपुर ग्रामवासियों ने मातारानी की 121 मीटर लंबी चुनरी भेंट की।

विज्ञापन


विज्ञापन


चुनरी चढ़ाने के लिए राजपुर ग्राम के हनुमान मंदिर से बड़ी संख्या में महिलाएं और बालिकाओं सहित ग्रामवासियों ने भाग लिया और डीजे की धुन पर नाचते गाते मंदिर परिसर पहुंचे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए शाहबाद थाना पुलिस ने जाप्ता भी तैनात किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुंडाखोह के पास है मंदिर
नेशनल हाइवे 27 पर मुंडीयर ग्राम पंचायत से 10 किलोमीटर अंदर राजपुर ग्राम पंचायत में आता है मंदिर परिसर। ग्राम राजपुर से 3 किलोमीटर अंदर जंगल में अन्नपूर्णा महारानी का भव्य मंदिर बना हुआ है। यह स्थान इस क्षेत्र के प्रसिद्ध कुंडाखोह जल प्रपात के नजदीक स्थित है। चारों ओर हरियाली से आच्छादित घना जंगल और सागवान के पेड़ और मंदिर के पीछे करीब 100 फीट नीचे गिरता जल प्रपात आपका मनमोह लेगा।


सूनी कोख भरती है मैया के दरबार में
कहते है यह मंदिर करीब 100 साल पुराना है। बुजुर्ग बताते हैं कि मातारानी दरबार में आने वाले हर श्रद्धालु की मुराद पूरी करती हैं। वंश बढ़ाने वाली महामाई सूनी कोख भी भर देती हैं। अन्नपूर्णा कोटरागढ़ दरबार के मुख्य पुजारी संतोष वैष्णव ने बताया की मंदिर परिसर के बारे में कई कहानियां प्रसिद्ध है। जैसे की मैया रानी ने एक 75 साल की बुढ़िया की कोख भर कर उसका वंश बढ़ाया, जिसके बाद संतान की आस में श्रद्धालु मैया के दरबार में धोक लगाने दूर -दूर से आते हैं। घने जंगल के बीच होने के बावजूद मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी सुविधाएं मौजूद हैं। हालांकि, शाम की आरती के बाद मंदिर परिसर में कोई नहीं रहता है। 

मंदिर की देखरेख करते हैं तीन गांव
कोटरागढ़ दरबार अन्नपूर्णा महारानी के मंदिर की देखरेख राजपुर, बेहटा और तेलनी तीन गांव के लोग करते हैं। इसके लिए बकायदा एक समिति का गठन किया गया है। जो मंदिर परिसर के नाम उपलब्ध जमीन के ज्वारे से समस्त खर्चों का निष्पादन करती है। मंदिर परिसर की चल अचल संपत्ति की देखरेख भी इसी समिति के जिम्मे है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed