मोदी के मंत्री पर रेप का आरोप, कोर्ट का नोटिस
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विवाहिता से दुष्कर्म मामले में राजस्थान से एक मात्र केन्द्रीय मंत्री निहालचंद मेघवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एडीजे कोर्ट ने बृहस्पतिवार को निहालचंद सहित 17 आरोपियों को नोटिस जारी किया है।
हालांकि पुलिस इस मामले में पहले एफआर लगा चुकी है, जिसे निचली अदालत ने कोर्ट ने मंजूर भी कर लिया था। लेकिन पुनर्विचार याचिका के बाद एडीजे कोर्ट ने आरोपियों को नोटिस भेजा है।
कोर्ट ने सभी आरोपियों को 20 अगस्त तक पेश होने के आदेश दिए हैं।
2012 में हुआ था मुकदमा दर्ज
मामले के तहत मूलरूप से हरियाणा की निवासी बीस वर्षीय महिला ने वर्ष 2012 में जयपुर के वैशाली नगर थाने में निहालचंद समेत 17 लोगों के खिलाफ रेप का मामला दर्ज करवाया था। पीड़िता ने अपने पति पर भी रेप करवाने का आरोप लगाया।
पुलिस ने जांच के बाद इस मामले को फर्जी पाया और 10 फरवरी 2014 में एफआर लगाकर महानगर मजिस्ट्रेट 11 की कोर्ट में रिपोर्ट पेश कर दी, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
बचाव पक्ष बोला 'बेबुनियाद हैं आरोप'
पीड़िता ने एफआर को पुनर्विचार याचिका के जरिए एडीजे कोर्ट में चुनौती दी, जिस पर कोर्ट ने सभी को नोटिस जारी किए है।
मामले में निहालचंद के अलावा पूर्व मंत्री जोगेश्वर गर्ग, राजस्थान विवि के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पुष्पेंद्र भारद्वाज, तत्कालीन एडिशनल एसपी अनिल राव और एसएचओ महावीर सिंह सहित पीड़िता का पति और देवर भी शामिल हैं।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अश्वनी बोहरा ने बताया कि परिवादिया की ओर से लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है।