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जीएसटी लागू करते समय किए वादों को पूरा करे केंद्र सरकार : अशोक गहलोत
Tue, 08 Sep 2020 12:42 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 08 Sep 2020 12:42 AM IST
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अशोक गहलोत, नरेंद्र मोदी
- फोटो : फाइल फोटो
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार से जीएसटी को लागू करते समय राज्य सरकारों से किए गए वादों को पूरा करने तथा केंद्र द्वारा लागू किए जा रहे कुछ करों का अधिकार राज्य सरकारों के लिए छोड़ने का आग्रह किया है।
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इसके साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय संबंधों में विश्वास कायम रखने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोमवार को लिखे गए पत्र में गहलोत ने राज्यों को जीएसटी मुआवजे के भुगतान में आ रही कठिनाइयों का जिक्र किया है।
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गहलोत ने केंद्र सरकार से जीएसटी को लागू करते समय राज्य सरकारों से किए गए वादों को पूरा करने तथा केंद्र द्वारा लागू किए जा रहे कुछ करों का अधिकार राज्य सरकारों के लिए छोड़ने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि जीएसटी परिषद की 41वीं बैठक में केंद्र सरकार द्वारा यह सुझाव दिया गया था कि राज्य द्वारा जीएसटी मुआवजे में कमी की पूर्ति कर्ज के माध्यम से की जाए।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है कि इसकी पूर्ति मुआवजा कोष से की जाए और इस कमी को वित्त पोषित करने की केंद्र सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं है। यह उस संविधान संशोधन की मूल भावना के विपरीत है, जिसके तहत राज्यों द्वारा कुछ करों को लागू करने के अपने संवैधानिक अधिकारों को केंद्र सरकार के पक्ष में दे दिया गया था।
गहलोत ने पत्र में लिखा है कि संविधान संशोधन के तहत अनेक राज्य करों को जीएसटी में सम्मिलित कर दिया गया था और कहा गया था कि राज्यों को इससे होने वाले राजस्व हानि को देखते हुए मुआवजा उपलब्ध करवाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जीएसटी (कम्पनसेशन टू स्टेट) एक्ट 2017 में राज्यों को जीएसटी को लागू करने के कारण राजस्व हानि की पूर्ति करने के लिए पांच वर्ष तक मुआवजा देने की गारंटी दी गई है। इसलिए अब यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि राज्यों को मुआवजे की पूरी राशि बिना किसी देनदारी के मिले।