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वसुंधरा के मंत्री के बयान पर बवाल, तीन परिवाद दायर
समीर शर्मा/अमर उजाला, जयपुर
Updated Tue, 18 Feb 2014 07:36 PM IST
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राजस्थान सरकार के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री नंदलाल मीणा के सवर्ण जातियों के विरोध में दिए बयान को लेकर मंगलवार को प्रदेशभर में प्रदर्शन हुए और पुतले फूंके गए।
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मीणा के खिलाफ निचली अदालत में तीन परिवाद दायर हुए, इनमें से एक सुनवाई 25 फरवरी को होगी। प्रदर्शन कर रहे सवर्ण संगठनों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी देते हुए मीणा को 24 घंटे में माफी मांगने के लिए कहा।
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मीणा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग भी उठने लगी है। मीणा ने विवादित बयान में कहा था कि मीणा समाज के पिछड़े रहने के लिए बनिये-ब्राह्मण जिम्मेदार हैं।
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ब्राह्मण व वैश्य संगठनों ने मीणा के बयान की निंदा करते हुए कहा कि समाजों में भेदभाव पैदा करने वाले मंत्री को तुरंत निष्कासित कर देना चाहिए।
सर्व ब्राह्मण महासभा, विप्र फाउंडेशन राजस्थान, नेशनल ब्राह्मण वेलफेयर सोसायटी, गौड़ ब्राह्मण महासभा राजस्थान, अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन, जागो पार्टी सहित कई संगठनों ने कहा है कि समाज विशेष के पिछड़े रहने के पीछे किसी अन्य समाज को दोष देना गलत है।
राजस्थान में विभिन्न संगठनों ने जयपुर सहित सभी जिलों में मीणा के खिलाफ प्रदर्शन किया गया तथा जयपुर सहित 19 जिलों में उनके पुतले फूंके। इधर, आदिवासी मीणा समाज के नेता डूंगर सिंह मीणा ने भी जनजातीय मंत्री के विवादित बयान का विरोध जताया।