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Rajasthan: ऊंट की घटती संख्या पर सरकार चिंतित, पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि देने का फैसला, जानें तरीका
Tue, 14 Feb 2023 02:06 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Tue, 14 Feb 2023 02:06 PM IST
सार
राज्य में ऊंटों की घटती संख्या को गंभीरता से लेते हुए सरकार "उष्ट्र संरक्षण" योजना के तहत पशुपालकों को दस हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देगी, ताकि किसान और पशुपालक आर्थिक तौर पर मजबूत हो सकें और ऊंटों की संख्या बढ़े।
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उष्ट्र संरक्षण योजना
- फोटो : social media
विस्तार
राजस्थान में ऊंट पालन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने एक और नया फरमान जारी किया है। प्रदेश सरकार ने ऊंट पालकों को प्रोत्साहन राशि देने को फैसला लिया है। राजस्थान सरकार ने उष्ट्र संरक्षण योजना के तहत ऊंट के जन्म पर पशुपालक को दो किस्तों में प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया है। पशुपालक को दो किस्तों में पांच-पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके लिए पशुपालक को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
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राजस्थान में ऊंट पालन कई परिवारों की आय का एक मात्र जरिया है। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण अपना जीवनयापन ऊंट के माध्यम से कर रहे हैं। ग्रामीणों की स्थिति बेहतर करने के लिए सरकार उष्ट्र संरक्षण योजना के तहत प्रोत्साहन राशि दे रही है। इससे राज्य में ऊंट की घटती संख्या पर भी लगाम लगेगी।
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ऐसे करें आवेदन
पशुपालन विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने कहा कि इस एप्लीकेशन में ऊंट पालक का पंजीयन, पशु चिकित्सक द्वारा ऊंटनी व टोडियो की टैगिंग तथा जिला स्तरीय वित्तीय स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। इच्छुक ऊंट पालक वेबसाइट www.pashuaushadh.com/iomms पर निर्धारित फॉर्मेट में आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। पशुपालन विभाग के सत्यापन के बाद पशुपालक के खाते में दो किस्तों में ये राशि भेज दी जाएगी।
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ऑनलाइन होगा पंजीयन
उन्होंने बताया कि ऊंट पालक एक नवंबर या उसके बाद जन्मे टोडियों का योजना के अंतर्गत 28 फरवरी तक पंजीयन करवा सकते हैं। दो माह तक के टोडिये के ऊंट पालक योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकेंगे। पंजीयन ऑनलाइन एप्लीकेशन से होगा। साथ ही ऊंट पालक नजदीकी ई-मित्र व पशु चिकित्सा केंद्र के अधिकारियों से मदद ले सकते है।