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राजस्थान: पिछले साल मॉस्को में हुई थी आदिवासी व्यक्ति की मौत, रविवार को उदयपुर पहुंचेगा शव
Sat, 05 Feb 2022 10:56 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sat, 05 Feb 2022 10:56 PM IST
सार
मृतक के परिवार ने कहा है कि अगर भारत सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से थोड़ी और संवेदनशीलता दिखाई गई होती तो शव को यहां आने में इतना समय नहीं लगता।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
रूस की राजधानी मॉस्को में पिछले साल जान गंवाने वाले राजस्थान के एक आदिवासी व्यक्ति के अंतिम अवशेष रविवार को उसके उदयपुर में उसके पैतृक स्थान पर पहुंच जाएंगे। गोडवा गांव के रहने वाले हितेंद्र गरासिया (46) पिछले साल 17 जुलाई को मॉस्को में मृत पाए गए थे।
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एक अधिकारी ने बताया कि शव को प्राप्त करने की और परिवार के हवाले करने की तैयारियां नई दिल्ली में बीकानेर हाउस में की गई हैं। बीकानेर हाउस के अतिरिक्त आयुक्त विमल शर्मा ने बताया कि हमें रूस के अधिकारियों से जानकारी मिली है कि गरासिया का शव रविवार की सुबह यहां पहुंच जाएगा।
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जानकारी के अनुसार गरासिया के अंतिम अवशेष लेकर आ रहा विमान नई दिल्ली में एयरपोर्ट पर रविवार सुबह 9.15 बजे पहुंचेगा। अधिकारियों ने बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव को गरासिया के परिवार के हवाले कर दिया जाएगा।
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हितेंद्र गरासिया पिछले साल अप्रैल में ही एक साल के कार्य वीजा पर रूस गए थे। लेकिन यहां वह मॉस्को के एक पार्क में मृत पाए गए थे। मॉस्को पुलिस ने गरासिया की मौत को हादसे में बता कर मामला बंद कर दिया था और शव को मॉस्को में ही दफना गया था। गरासिया के परिवार को इसकी जानकारी 28 अगस्त को मिली थी।
इसके बाद से ही उसकी पत्नी आशा देवी, बेटी उर्वशी (19), बेटा पीयूष (17) उसके अंतिम अवशेष को भारत वापस लाने के लिए प्रयास कर रहे थे। इसे लेकर परिवार ने पिछले साल दिसंबर में राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था।
परिवार ने पिछले साल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दिल्ली यात्रा के दौरान आत्मदाह करने की धमकी भी दी थी। परिवार ने पिछले महीने इसे लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से भी मुलाकात की थी। प्रियंका ने इसे लेकर 27 जनवरी को प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा था और गरासिया के शव को लाने की मांग की थी।