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राजस्थान विधानसभा में गूंजा पुलिस हिरासत में अनुसूचित जाति के युवक की मौत का मामला, भााजपा का वॉकआउट

Tue, 16 Jul 2019 12:43 AM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: संदीप भट्ट Updated Tue, 16 Jul 2019 12:43 AM IST
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BJP walks out of House over custodial death of dalit man, 'gang rape' of his 'bhabi' by cops
राजस्थान विधानसभा (फाइल फोटो)

पुलिसकर्मियों द्वारा उसकी भाभी को प्रताड़ित करने का मामला सोमवार को विधानसभा में गूंजा। राज्य सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई में कोई कोताही नहीं हुई है और मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। वहीं भाजपा के विधायकों ने सरकार के जवाब पर असंतोष जताते हुए बहिर्गमन किया।

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भाजपा ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए इस मुद्दे को उठाया। इस पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए धारीवाल ने कहा कि इस मामले में सरदारशहर थाने के तत्कालीन थानाधिकारी सहित आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है जबकि बाकी स्टाफ के 19 लोगों को लाइन हाजिर किया जा चुका है।
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धारीवाल ने मामले में किसी तरह की लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कोई लापरवाही नहीं हुई है। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने मामले की सीबीआई जांच कराने, आरोपी पुलिस वालों को गिरफ्तार करने आदि की मांग उठाई।
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सरदारशहर से विधायक भंवरलाल शर्मा ने भी बात रखी और कहा कि मृतक छोटा मोटा चोर था। इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘‘वे पुलिस के हिमायती नहीं हैं लेकिन बलात्कार की बात सरासर गलत है।’’ 

शर्मा ने कहा कि इस मामले में दो को छोड़कर बाकी बातों से उपनेता राठौड़ से सहमति रखते हैं।

नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने इस मामले में महिला की शिकायत पर मामला दर्ज होने में 10 दिन की देरी तथा पीड़िता को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाने का मामला उठाया। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने मामले को दबाने के लिए देरी की।

मंत्री धारीवाल ने कहा कि पुलिस की दक्षता है कि उन्होंने केवल पीड़िता के बयान के आधार पर ही सारी संभव धाराएं लगाई हैं। रपट दर्ज करने में देरी की बात को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि 13 जून को पीड़िता के परिवार वाले पुलिस महानिदेशक से मिले और 14 जून को ही पीड़िता के बयानों के आधार पर मामला दर्ज हो गया।

इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने चर्चा समाप्त करने की घोषणा की। लेकिन उपनेता प्रतिपक्ष राठौड़ ने कहा, ‘सरकार जिस प्रकार से लीपापोती कर रही है, हम सरकार के जवाब से अंसुष्ट हैं और बर्हिगमन करते हैं।’


उन्होंने इस मामले को राज्य में दलितों के साथ अत्याचार की पराकाष्ठा बताया। इसके बाद भाजपा सदस्य सदन से बाहर चले गए।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में चूरू जिले के सरदारशहर थाने के थानाधिकारी रणवीर सिंह सहित 5-7 अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ रविवार को मामला दर्ज किया गया। इनके खिलाफ पुलिस थाने में महिला को प्रताड़ित करने, उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप है।

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