{"_id":"52251724b3ee354fa9e9578fbebdd046","slug":"bjp-may-cancel-last-congress-government-s-big-project","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस के महत्वाकांक्षी प्रोजक्टों पर मंडराया संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस के महत्वाकांक्षी प्रोजक्टों पर मंडराया संकट
समीर शर्मा, जयपुर
Updated Fri, 24 Jan 2014 08:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर नाम दिलाने वाले कांग्रेस के दो महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट जयपुर मेट्रो और बाड़मेर रिफाइनरी पर नई भाजपा सरकार में संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
विज्ञापन
विधानसभा के चल रहे पहले सत्र में भाजपा सरकार की ओर से तैयार किया गया राज्यपाल मार्ग्रेट आल्वा का अभिभाषण ने इस ओर इशारा कर दिया है।
आल्वा ने विधानसभा में दिए अपने अभिभाषण में इन परियोजनाओं को विवेकहीन वादे बताया। गहलोत की कांग्रेस सरकार ने इन दोनों परियोजनाओं के नाम पर काफी वाहवाही बटोरी थी।
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव आचार संहिता लगने से ठीक पहले कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से बड़मेर रिफाइनरी का शिलान्यास करवाया गया था।
राज्यपाल का अभिभाषण संबंधित सरकार ही तैयार कर करती है और राज्यपाल को इस अभिभाषण को विधानसभा में पढऩा होता है।
राज्यपाल ने अभिभाषण में कहा कि मेट्रो और रिफाइनरी से राज्य के वित्तीय प्रबंधन पर भारी दबाव पड़ेगा, इसलिए सरकार इन परियोजनाओं की समीक्षा करा रही है।
आल्वा ने अभिभाषण में रिफाइनरी की आलोचना करते हुए कहा, बिना ब्याज भारी भरकम ऋण देने का फैसला 4.5 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष घरेलू क्रुड ऑयल के साथ जुड़ा है।
विज्ञापन
अगर घरेलू क्रुड ऑयल कम मिला तो भारी-भरकम नकद सहायता में और बढ़ोतरी होगी। सूत्रों ने बताया कि इन दोनों परियोजनाओं को लेकर राज्य सरकार ने बहुत हद तक यह स्पष्ट कर दिया है कि वह इनकी उपयोगिता और इन पर हो रहे खर्च को लेकर संतुष्ट नहीं है।
11 किमी लंबे मेट्रो ट्रैक निर्माण पर 3400 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं तथा रफाइनरी संभवत: पहली रिफाइनरी परियोजना है, जिसमें पिछली सरकार ने 3736 करोड़ सालाना बिना ब्याज भारी भरकम ऋण देने का फैसला किया।