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राजस्थानः सूदखोर के जाल में फंसा भाजपा नेता का बेटा, उधारी की रकम चुकाने से ज्यादा आसान लगी मौत
Wed, 18 Aug 2021 04:42 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीगंगानगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीगंगानगर
Published by: Trainee Trainee
Updated Wed, 18 Aug 2021 04:42 PM IST
सार
भाजपा नगर मंडल के पूर्व अध्यक्ष विजय खुराना के बेटे दीपक खुराना उर्फ मिनी ने कस्बे के फाइनेंसर इंद्र आहूजा उर्फ बट्ठल से करीब सात महीने पहले जनवरी के आखिरी दिनों में छह लाख रुपये उधार लिए थे। इस पर रोज पांच प्रतिशत ब्याज देना होता था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
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विस्तार
राजस्थान के श्रीगंगानगर के पदमपुर में भाजपा नेता के बेटे ने मंगलवार को सूदखोर से परेशान होकर दुकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या के बाद परिजनों ने बताया कि कस्बे के ही एक सूदखोर से दीपक उसने छह लाख रुपये लिए थे, जो कि सात महीने में 60 लाख रुपये बन गए। इतनी बड़ी रकम चुकाना आसान नहीं था। ऐसे में उसे मौत ज्यादा आसान लगी।
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रोज चुकानी पड़ती थी 30 हजार रुपये ब्याज
भाजपा नगर मंडल के पूर्व अध्यक्ष विजय खुराना के बेटे दीपक खुराना उर्फ मिनी ने कस्बे के फाइनेंसर इंद्र आहूजा उर्फ बट्ठल से करीब सात महीने पहले जनवरी के आखिरी दिनों में छह लाख रुपये उधार लिए थे। इस पर रोज पांच प्रतिशत ब्याज देना होता था। यानि कि एक हजार रुपये पर 50 रुपये रोज ब्याज के तौर पर देने पड़ते। इस हिसाब से दीपक को छह लाख रुपये पर रोज 30 हजार रुपये की ब्याज देनी पड़ती थी। कुल मिलाकर एक महीने में नौ लाख रुपये ब्याज देनी पड़ती थी। इस तरह सात महीने में यह राशि छह लाख रुपये से बढ़कर 60 लाख रुपये हो गए।किसी तरह उसने करीब 18 लाख रुपये चुकाए भी थे। परिवार के लोगों को जब यह बात पता चली तो उन्होंने बैठकर 20 लाख रुपये और देकर मामला खत्म करने की हामी भर दी थी, लेकिन फाइनेंसर मानने को तैयार नहीं था। ऐसे में दीपक के पास एक ही रास्ता बचा था और उसे मौत को गले लगा लेना आसान लगा।
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खाली चेक पर करवा लिए थे पत्नी और परिवार के लोगों के हस्ताक्षर
फाइनेंसर इंद्र आहूजा ने दबाव बनाने के लिए दीपक से पत्नी और परिवार के लोगों के खाली चेक पर हस्ताक्षर करवा लिए थे। कुछ स्टांप पर साइन करवाए थे। रुपये नहीं देने पर फाइनेंसर पत्नी के साइन किए हुए चेक बैंक में लगाकर कर पत्नी को जेल भिजवाने की धमकी देता था।
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तीन साल पहले शुरू किया था गिफ्ट स्टोर
दीपक के पिता भाजपा के मंडल अध्यक्ष रहे हैं।वह संपन्न परिवार से था, लेकिन ब्याज पर पैसा लेने की बात से परिवार में सब अनजान थे। उसने तीन साल पहले कस्बे के अनारकली बाजार में गिफ्ट स्टोर शुरू किया था। बिजनेस शुरू करने बाद करीब ढाई साल पहले ही उसकी शादी हुई थी। बताया जाता है कि उसने बिजनेस में निवेश करने के लिए पैसा उधार लिया था। कोरोना के दौर में बिजनेस में नुकसान होने से भी वह परेशान था।
फाइनेंसर फरार, पुलिस दे रही दबिश
दीपक के सुसाइड करने के बाद से ही फाइनेंसर और उसका परिवार फरार है। पुलिस ने दबिश दी, तो घर पर ताले लटके मिले। फिलहाल आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा है।