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Bikaner: आंधी-बारिश ने खोली स्कूल भवन की पोल, रात में भरभराकर गिरी छत, छुट्टी नहीं होती तो हो जाता बड़ा हादसा
Fri, 05 Jun 2026 05:42 PM IST
बीकानेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: बीकानेर ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2026 05:42 PM IST
सार
गुरुवार रात आई आंधी-बारिश के बीच जिले के गारबदेसर गांव के राजकीय विद्यालय में एक कमरे की छत भरभराकर गिर गई। हालांकि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ लेकिन घटना ने स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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आंधी-बारिश में स्कूल की छत गिरी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले के लूणकरणसर क्षेत्र के गारबदेसर गांव स्थित राजकीय सीनियर सेकंडरी विद्यालय में गुरुवार देर रात आंधी और बारिश के दौरान एक कमरे की छत गिर गई। घटना रात करीब 11 बजे हुई। राहत की बात यह रही कि उस समय विद्यालय में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार तेज आंधी और बारिश के बीच विद्यालय के एक कमरे की छत अचानक भरभराकर गिर गई। छत गिरने से कमरे में रखा फर्नीचर और अन्य शैक्षणिक सामग्री क्षतिग्रस्त हो गई। शुक्रवार सुबह जब विद्यालयकर्मियों और ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद स्कूल भवन की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम से पहले विद्यालय भवनों की स्थिति की समुचित जांच और मरम्मत नहीं की गई। उन्होंने शिक्षा विभाग और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी उमराव यादव ने बताया कि विद्यालय की छत गिरने की सूचना मिली है। विभागीय अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने क्षेत्र के अन्य सरकारी स्कूल भवनों की भी तत्काल जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते जर्जर भवनों की पहचान कर मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल प्रशासन और शिक्षा विभाग पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगा हुआ है।
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जानकारी के अनुसार तेज आंधी और बारिश के बीच विद्यालय के एक कमरे की छत अचानक भरभराकर गिर गई। छत गिरने से कमरे में रखा फर्नीचर और अन्य शैक्षणिक सामग्री क्षतिग्रस्त हो गई। शुक्रवार सुबह जब विद्यालयकर्मियों और ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद स्कूल भवन की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम से पहले विद्यालय भवनों की स्थिति की समुचित जांच और मरम्मत नहीं की गई। उन्होंने शिक्षा विभाग और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी उमराव यादव ने बताया कि विद्यालय की छत गिरने की सूचना मिली है। विभागीय अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने क्षेत्र के अन्य सरकारी स्कूल भवनों की भी तत्काल जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते जर्जर भवनों की पहचान कर मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल प्रशासन और शिक्षा विभाग पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगा हुआ है।