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महाजन रेंज में फिर गरजा स्काईस्ट्राइकर: लक्ष्य का पता लगाकर किया नेस्तनाबूद, ऑपरेशन सिंदूर में दिखा चुका है दम
Sun, 27 Sep 2026 07:47 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Sun, 27 Sep 2026 07:47 AM IST
सार
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत-अमेरिका साझा सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास-2026’ के दौरान स्काईस्ट्राइकर लोइटरिंग म्यूनिशन ने लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हो चुका यह हथियार करीब 100 किलोमीटर की मारक क्षमता और 5 से 10 किलोग्राम तक का वॉरहेड ले जाने में सक्षम है।
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महाजन रेंज में गरजा ऑपरेशन सिंदूर का हीरो स्काईस्ट्राइकर
- फोटो : Social Media
विस्तार
भारत के अचूक मारक हथियार स्काईस्ट्राइकर ने एक बार फिर ताकत का लोहा मनवाया है। ऑपरेशन सिंदूर के हीरो रहे इस लोइटरिंग म्यूनिशन ने राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में जारी भारत-अमेरिका साझा सैन्य अभ्यास युद्ध अभ्यास-2026 के दौरान लक्ष्य का पता लगाकर उसे नेस्तनाबूद कर दिया। सेना के मुताबिक मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस में स्वदेशी रक्षा तकनीक और ड्रोन की भूमिका अब सबसे अहम हो गई है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस हथियार ने पहले ही ऑपरेशनल डेब्यू में दुश्मन के ठिकानों पर भारी तबाही मचाई थी। महाजन रेंज में इसके सफल प्रदर्शन ने इसकी मारक क्षमता पर एक बार फिर मुहर लगाई है। स्काईस्ट्राइकर को बंगलूरू की अल्फा डिजाइन टेक्नोलॉजीज ने इजराइल की एल्बिट सिस्टम्स के साथ मिलकर बनाया है।
रडार के लिए पकड़ना है मुश्किल
दुश्मन के रडार इसे आसानी से नहीं पकड़ पाते। इसकी मारक क्षमता लगभग 100 किलोमीटर है और यह अपने साथ 5 से 10 किलो तक का वॉरहेड ले जा सकता है। यह विस्फोटक मजबूत बंकरों या ठिकानों को तबाह करने के लिए काफी है। इस सुसाइड ड्रोन को केवल एक जवान आसानी से संचालित कर सकता है।
ये भी पढ़ें- राजस्थान में एसीबी की कार्रवाई: दो करोड़ की रिश्वत मामले में फंसे एडिशनल एसपी मुकेश सोनी, दलाल ले रहा था कैश
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वायुसेना का युद्धाभ्यास तरंग शक्ति शुरू
पाकिस्तान सीमा के करीब पश्चिमी राजस्थान में शनिवार से वायुसेना के बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास तरंग शक्ति-2026 का आगाज हो गया। इसके लिए वायुसेना ने पश्चिमी मोर्चे पर अपने पांच प्रमुख एयर बेस सक्रिय कर दिए हैं। इस दो हफ्ते के अभ्यास में भारत सहित आठ देशों की वायुसेनाएं अपने अत्याधुनिक विमानों के साथ सीधे भाग ले रही हैं।
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रडार के लिए पकड़ना है मुश्किल
दुश्मन के रडार इसे आसानी से नहीं पकड़ पाते। इसकी मारक क्षमता लगभग 100 किलोमीटर है और यह अपने साथ 5 से 10 किलो तक का वॉरहेड ले जा सकता है। यह विस्फोटक मजबूत बंकरों या ठिकानों को तबाह करने के लिए काफी है। इस सुसाइड ड्रोन को केवल एक जवान आसानी से संचालित कर सकता है।
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वायुसेना का युद्धाभ्यास तरंग शक्ति शुरू
पाकिस्तान सीमा के करीब पश्चिमी राजस्थान में शनिवार से वायुसेना के बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास तरंग शक्ति-2026 का आगाज हो गया। इसके लिए वायुसेना ने पश्चिमी मोर्चे पर अपने पांच प्रमुख एयर बेस सक्रिय कर दिए हैं। इस दो हफ्ते के अभ्यास में भारत सहित आठ देशों की वायुसेनाएं अपने अत्याधुनिक विमानों के साथ सीधे भाग ले रही हैं।
- स्काईस्ट्राइकर को दागने के लिए लॉन्चर में लगाते जवान
- लॉन्चर से तेजी से निकला स्ट्राइकर लक्ष्य की ओर चला
- बिना किसी गलती के एकदम सटीक निशाना लगाया