{"_id":"65d9f8c177d9e54b1306e51f","slug":"bikaner-news-woman-dies-four-days-after-sterilization-operation-2024-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bikaner News: नसबंदी के ऑपरेशन के चार दिन बाद महिला की मौत, कोर्ट के आदेश पर डॉक्टर पर मामला दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bikaner News: नसबंदी के ऑपरेशन के चार दिन बाद महिला की मौत, कोर्ट के आदेश पर डॉक्टर पर मामला दर्ज
Sat, 24 Feb 2024 07:40 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sat, 24 Feb 2024 07:40 PM IST
सार
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के चार दिन बाद महिला की तबीयत बिगड़ती चली गई। आपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने बड़ी आंत काट दी जिस कारण इंफैक्शन होने से महिला की मौत हो गई।
विज्ञापन
भगवती देवी का फाइल फोटो।
- फोटो : Amar Ujala Digital
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में एक महिला की नसबंदी के दौरान लापरवाही से बड़ी आंत काट देने का मामला सामने आया है। इस तरह का आरोप लगाते हुए महिला के परिजनों ने डॉक्टर सहित अस्पताल स्टॉफ के खिलाफ अदालत में इस्तगासा पेश किया। अदालत के आदेश पर श्रीडूंगरगढ़ थाने में मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
श्रीडूंगरगढ़ के लिखमीसर दिखणादा गांव के निवासी नौरंगदास स्वामी ने सरकारी अस्पताल में अपनी पत्नी 26 वर्षीय भगवती देवी का 29 दिसबंर 2023 को ऑपरेशन करवाया था। ऑपरेशन के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे वापस अस्पताल में दिखाया गया, जहां डॉक्टर्स ने सरकारी अस्पताल में भर्ती नहीं किया तो बीकानेर के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। एफआईआर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीडूंगरगढ़ के सर्जन डॉक्टर डीके पुरोहित और एफआरएचएस टीम के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन
एफआईआर में बताया गया है कि भगवतीदेवी को एक पुत्र और एक पुत्री है। अंतिम प्रसव करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हुआ था। उसकी पत्नी शारीरिक रूप से स्वस्थ थी और नसबंदी ऑपरेशन से पूर्व टीम ने जांच रिपोर्ट में उसे ऑपरेशन के लिए पूरी तरह फिट पाया था। इसके बाद ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के चार दिन बाद अचानक भगवती की तबीयत ज्यादा खराब हो गई तो उसे लेकर सीएचसी श्रीडूंगरगढ़ पहुंचे।
विज्ञापन
पीड़ित ने आरोप लगाया कि यहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति गंभीर बताते हुए भर्ती करने से मना कर दिया। इस पर बीकानेर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। आरोप लगाया गया है कि नसबंदी ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही के चलते भगवती की पेट की बड़ी आंत कट गई, जिससे उसके शरीर में अत्यधिक इंफेक्शन हो गया।
आरोप है कि समय पर इलाज नहीं करने के कारण ये बीमारी जानलेवा साबित हुई। बीकानेर में भी स्थिति नहीं सुधरने पर उसे जयपुर के प्राइवेट अस्पताल ले गए, लेकिन वहां भी इलाज नहीं हो सका। इस पर 21 जनवरी को जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।