डीजीपी को SMS कर सिपाही ने दी धमकी, लूंगा मेमन का बदला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार पुलिस के एक सिपाही द्वारा राजस्थान के डीजीपी को एसएमएस कर धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिहार के जहानाबाद में एसएसपी ऑफिस में तैनात सिपाही ने राजस्थान के डीजीपी मनोज भट्ट को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर धमकी भरा मैसेज भेजते हुए कहा कि मैं अजमल कसाब और याकूब मेमन की फांसी का बदला लूंगा।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार एक के बाद एक भेजे गए पांच मैसेज में सिपाही ने पिंक सिटी जयपुर की सड़कों को लहूलुहान करने की धमकी दी।
हालांकि मामला सामने आने के बाद दोनों राज्यों की पुलिस ने आनन फानन में कार्रवाई कर आरोपी सिपाही को धर दबोचा। उससे पूछताछ के बाद उसके खतरनाक इरादों का खुलासा हुआ।
डीजीपी सहित कई अन्य अधिकारियों को भी भेजे एसएमएस
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राजस्थान पुलिस के डीजीपी मनोज भट्ट को एक अनजान नंबर से एक मैसेज मिला। 14 अगस्त की शाम 8.53 पर भेजे मैसेज में भेजने वाले ने लिखा था कि वह फांसी पर लटकाए गए आतंकवादी अजमल कसाब और याकूब मेमन की मौत का बदला लेगा।
इसके बाद भेजे गए एक और मैसेज में आरोपी ने लिखा कि वह पिंक सिटी जयपुर की सड़कों को लहूलुहान कर देगा। आरोपी ने एक के बाद एक पांच मैसेज भेजे। डीजीपी ने बिना कोई जवाब दिए इसकी सूचना राजस्थान एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को दी।
भट्ट ने बताया कि इसकी सूचना बिहार पुलिस को भी दी गई। एटीएस और बिहार पुलिस ने मिलकर जांच शुरू की तो पता चला कि यह एसएमएस बिहार के जहानाबाद के एसएसपी ऑफिस में तैनात सिपाही मोहम्मद उजैर अहमद के मोबाइल फोन से भेजा गया था।
पटना के पालीगंज ब्लॉक के सिगोरी गांव के रहने वाले अहमद ने यह मैसेज अपने साले मोहम्मद राजे के सिम से भेजा था। आरोपी सिपाही को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई तो पता चला कि उसने ऐसे मैसेज मुंबई पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर, पंजाब पुलिस के रिटायर्ड डीजीपी और कुछ अन्य अधिकारियों को भी भेजे थे।
अपने साले को फंसाने के लिए रची साजिश
राजस्थान एटीएस के एडीजी अलोक त्रिपाठी ने बताया कि मैसेज भेजने के पीछे आरोपी सिपाही का मकसद अपने साले मोहम्मद रजा को फंसाना था। क्योंकि उसने सिम कार्ड खरीदने के लिए भी अपने साले मोहम्मद रजा की आईडी का इस्तेमाल किया।
पुलिस ने शुरूआत में आईडी के आधार पर मोहम्मद रजा को ही गिरफ्तार किया था, जिससे पूछताछ के बाद ही आरोपी सिपाही तक पहुंचा गया। धमकी देने के आरोप में पकड़ा गया सिपाही मोहम्मद उजैर मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ है और वो फिलहाल जहानाबाद एसएसपी के ऑफिस में ड्यूटी भी कर रहा है।
माना जा रहा है कि या तो वह काफी कट्टरपंथी विचारों का है या उसने पूरी साजिश अपने साले को फंसाने के लिए रची। हालांकि उनसे उसकी कोई दुश्मनी भी नहीं है। पुलिस अभी आरोपी सिपाही से पूछताछ में लगी है।