फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   big reveal about farmer gajendra sing suicide case

आत्महत्या करने वाले किसान गजेंद्र के परिजनों का बड़ा खुलासा

Fri, 24 Apr 2015 08:42 AM IST
अमर उजाला / ब्यूरो जयपुर
अमर उजाला / ब्यूरो जयपुर Updated Fri, 24 Apr 2015 08:42 AM IST
विज्ञापन
big reveal about farmer gajendra sing suicide case

आप की रैली में फंदा लगाकर जान देने वाले दौसा जिले के नांगल झामरवाड़ा निवासी गजेन्द्र सिंह बृहस्पतिवार को पंचतत्व में विलीन हो गया, लेकिन उसके सदमाग्रस्त परिजनों के दिलों में कई साधारण सवालों ने घर किया हुआ है।

विज्ञापन


परिजनों का कहना है कि फसल खराब होने के बावजूद गजेन्द्र के पास अपना परिवार चलाने के पर्याप्त संसाधन थे। सरकारी रिपोर्ट में भी आर्थिक तंगी के हालात नहीं पाए गए हैं।
विज्ञापन


बहरहाल, परिजनों सहित पूरे गांव में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व आप पार्टी के खिलाफ काफी गुस्सा है। उनका मानना है कि केजरीवाल अपना भाषण रोककर पार्टी कार्यकर्ताओं से गजेन्द्र को बचाने के लिए कह सकते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनका आरोप है कि आप पार्टी के कार्यकर्ताओं के उकसाने के कारण गजेन्द्र ने यह कदम उठाया। इधर, परिवारवालों का यह भी दावा है कि गजेन्द्र की लिखाई ऐसी नहीं है, जैसी सुसाइड नोट में लिखी है।

खुद का बेटा होता, तो क्या भाषण देते रहते केजरी

big reveal about farmer gajendra sing suicide case

राजनीतिक मुद्दा बनने के कारण सरकार अपने बचाव में मौत के कारणों को ढूंढ रही है, जबकि उसके परिजन तो केवल कुछ साधारण से जवाब चाह रहे हैं।

गजेंद्र के दादा गिरधारी सिंह और बहनोई सुरेन्द्र सिंह के अनुसार लगता है कि रैली में आप कार्यकर्ताओं ने गजेन्द्र को उकसाया होगा। पेड़ पर चढऩे में भी मद्द की। जब गजेन्द्र मरने की धमकी दे रहा था, तो आप कार्यकर्ताओं ने रोका या पेड़ से उतारा क्यों नहीं?

उन्होंने कहा कि जब रैली में ये हंगामा हो रहा था, तो केजरीवाल ने भाषण के दौरान कार्यकर्ताओं ने गजेन्द्र सिंह को पेड़ से उतारने के लिए क्यों नहीं कहा? केजरीवाल ने गम्भीरता नहीं बरती। गजेंद्र के छोटे भाई श्याम सिंह ने कहा कि सुसाइड नोट की लिखाई गजेंद्र की नहीं है।

आर्थिक तंगी के हालात नहीं

big reveal about farmer gajendra sing suicide case
दौसा के कार्यवाहक कलक्टर कैलाश शर्मा ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार गजेन्द्र व उसके परिवार में आर्थिक तंगी के हालात नहीं पाए गए हैं। उसकी फसलों को भी ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है।

सरकार को रिपोर्ट भेज दी गई है। ग्रामीणों ने बताया कि गजेन्द्र सिंह का साफे का व्यापार भी था। इधर, ग्रामीणों ने मांग की कि सरकार को गजेंद्र को शहीद का दर्जा देना चाहिए। उसने देश के करोड़ों किसानों के लिए अपनी जान कुर्बान की है।

राजस्थान के किसान नेता लोकेन्द्र सिंह कालवी ने दावा किया है कि गजेन्द्र सिंह ने दिल्ली में हाल ही में हुई  कांग्रेस रैली में भी हिस्सा लिया था। गजेन्द्र सिंह ने उसी ट्रेन में दिल्ली पहुंचा था, जिसमें राजस्थान से अन्य कार्यकर्ता बैठे थे। कालवी ने कहा कि उसने रैली के दौरान भी कांग्रेस नेताओं के साफे बांधे थे।

राजस्थान सरकार ने दिए चार लाख
राजस्थान सरकार के केबिनेट मंत्री अरूण चतुर्वेदी ने गजेन्द्र के परिजनों के लिए चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। इससे पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की थी।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को मुआवजा ही नहीं देना चाहती। सुबह गजेन्द्र का शव गांव में पहुंचते ही परिजन बिलख पड़े और शव यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। शव यात्रा में गहलोत, पायलट, चतुर्वेदी, पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, नमो नारायण मीणा, राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी सहित कई नेता शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed