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बगरू स्कूल विवाद: सीजेपी के विरोध में उतरा शिक्षक महासंघ, बोले- स्कूलों को राजनीतिक अखाड़ा नहीं बनने देंगे

Sat, 22 Aug 2026 06:22 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Sat, 22 Aug 2026 06:22 PM IST
सार

बगरू के सरकारी स्कूल से जुड़े विवाद में अब शिक्षक महासंघ खुलकर सीजेपी के विरोध में उतर आया है। महासंघ ने स्कूलों में बिना अनुमति प्रवेश और गतिविधियों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि विद्यालयों को राजनीतिक मंच नहीं बनने दिया जाएगा। 

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Bagru School Dispute: Teachers’ Federation Opposes CJP, Says Schools Won’t Become Political Arenas
देवेंद्र शर्मा, शिक्षक महासंघ पदाधिकारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बगरू के सरकारी स्कूल में सीजेपी कार्यकर्ताओं के पहुंचने और विवाद के बाद अब अखिल भारतीय राष्ट्रीय शिक्षक महासंघ राजस्थान विद्यालय शिक्षा के पदाधिकारियों ने विरोध जताया है। महासंघ ने सीजेपी के स्कूल में पहुंचने के तरीके और गतिविधियों को निंदनीय बताते हुए कहा कि बिना अनुमति किसी बाहरी संगठन या व्यक्ति के स्कूल में आने को स्वीकार नहीं किया जाएगा। महासंघ ने प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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शिक्षक महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि स्कूल बच्चों की शिक्षा और भविष्य निर्माण का स्थान है, इसे किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि का केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सीजेपी की मंशा स्कूलों की समस्याओं के समाधान से ज्यादा राजनीतिक माहौल बनाने की है। महासंघ ने कहा कि यदि कोई संगठन वास्तव में सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारना चाहता है तो उसे सकारात्मक तरीके से सहयोग करना चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि सीजेपी के पास बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं, ऐसे में स्कूलों के जीर्णोद्धार और सुविधाओं के लिए उनसे सहयोग क्यों नहीं मांगा जाता।
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शिक्षा मंत्री के आदेश का किया स्वागत
महासंघ ने स्कूलों में बिना अनुमति वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने वाले शिक्षा विभाग के आदेश का स्वागत किया। पदाधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय स्कूलों की गरिमा और विद्यार्थियों की निजता को ध्यान में रखते हुए सही है। शिक्षक महासंघ ने स्पष्ट किया कि इस समर्थन का उद्देश्य किसी मंत्री या सरकार का बचाव करना नहीं है। पदाधिकारियों ने कहा कि उनका संगठन शिक्षा व्यवस्था और विद्यालयों की गरिमा से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रख रहा है, इसमें कोई राजनीतिक मंशा नहीं है।


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दोषियों पर कार्रवाई की मांग
महासंघ ने प्रशासन से मांग की कि बगरू की पूरी घटना की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। यह पता लगाया जाए कि स्कूल परिसर में क्या हुआ, किसकी ओर से नियमों का उल्लंघन किया गया और कौन जिम्मेदार है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

अनुमति लेकर आएं, शिक्षक महासंघ स्वागत करेगा
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि कोई संस्था या संगठन स्कूलों में काम करना चाहता है तो उसे संबंधित विभाग और प्रशासन से अनुमति लेकर आना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुमति लेकर आएंगे तो हम स्वागत करेंगे, लेकिन बिना अनुमति स्कूल में प्रवेश स्वीकार नहीं किया जाएगा। महासंघ ने चेतावनी दी कि स्कूलों में बिना अनुमति किसी तरह की गतिविधि से अनावश्यक विवाद पैदा हो सकता है। इसलिए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को स्पष्ट व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करना चाहिए।
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