{"_id":"68fa6b3d2a8e3d2ab30eff0b","slug":"bhilwara-news-slap-happy-sdm-suspended-state-government-acts-action-also-taken-against-petrol-pump-staff-2025-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhilwara News: थप्पड़बाज एसडीएम निलंबित, राज्य सरकार ने लिया एक्शन, पेट्रोल पंप कर्मियों पर भी गिरी गाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhilwara News: थप्पड़बाज एसडीएम निलंबित, राज्य सरकार ने लिया एक्शन, पेट्रोल पंप कर्मियों पर भी गिरी गाज
Thu, 23 Oct 2025 11:22 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Thu, 23 Oct 2025 11:22 PM IST
सार
पेट्रोल पंप कर्मियों और एसडीएम के बीच हुई हाथापाई का वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
विज्ञापन
एसडीएम छोटूलाल शर्मा निलंबित
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
जिले के जसवंतपुरा में सीएनजी पेट्रोल पंप पर मंगलवार रात एक विवाद के दौरान प्रतापगढ़ के एसडीएम छोटूलाल शर्मा द्वारा पंप कर्मचारी को थप्पड़ मारने के बाद सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए एसडीएम को निलंबित कर दिया है। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। वीडियो में कर्मचारी भी पलटकर एसडीएम पर हाथ उठाते दिखाई दे रहे हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Alwar News: बम नहीं फूटा तो देखने गया युवक, अचानक हुए धमाके ने छीन ली आंखों की रोशनी, दो बच्चे भी झुलसे
विज्ञापन
वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया और स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक दुरुपयोग और अभद्र व्यवहार को लेकर कड़ा विरोध जताया। वहीं पुलिस ने तीन पंप कर्मचारियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू की थी। इधर राज्य सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए एसडीएम छोटूलाल शर्मा को निलंबित कर दिया और प्रशासनिक जांच के आदेश दिए। जांच के बाद ही विवाद की पूरी गंभीरता और जिम्मेदारियों का निर्धारण किया जाएगा।
विज्ञापन
बता दें कि आरएएस अधिकारी छोटूलाल शर्मा का विवादों से पुराना नाता रहा है। मांडल में एसडीएम के कार्यकाल के दौरान भी उनके व्यवहार को लेकर कई बार चर्चाएं हुई थीं। इस बार वायरल वीडियो ने उनके रवैये को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। इस घटना ने प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या एक उच्च पदस्थ अधिकारी को इस तरह की हरकतों की छूट दी जा सकती है।