{"_id":"6978cd9ef8d75811f705811b","slug":"weather-suddenly-changed-in-bharatpur-darkness-prevailed-during-day-people-suffering-due-to-rain-and-cold-2026-01-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: भरतपुर में अचानक बदला मौसम, दिन में छाया अंधेरा, बारिश और ठंड से लोग बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: भरतपुर में अचानक बदला मौसम, दिन में छाया अंधेरा, बारिश और ठंड से लोग बेहाल
Tue, 27 Jan 2026 08:07 PM IST
भरतपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: भरतपुर ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jan 2026 08:07 PM IST
सार
Rajasthan: जिले में मंगलवार दोपहर में हुई बारिश से ठंडक और बढ़ गई है। दोपहर में कुछ देर के लिए आसमान में काले बादलों के घेरे से शहर में अंधेरा छा गया।
विज्ञापन
सांकेतिक फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भरतपुर जिले में मंगलवार सुबह से ही मौसम ने अचानक करवट ले ली और लोगों को चौंका दिया। करीब डेढ़ बजे आसमान में घने काले बादल इस तरह छा गए कि दिन में ही अंधेरा सा माहौल बन गया। हालात इतने बिगड़े कि वाहन चालकों को दिन के उजाले में ही लाइट जलाकर वाहन चलाना पड़ा।
विज्ञापन
तापमान में गिरावट दर्ज
बादलों के घिरते ही तेज ठंडी हवाएं चलनी शुरू हो गईं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले सुबह जिले के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई थी, जिसने मौसम को पहले से ही ठंडा बना दिया था। दोपहर बाद अचानक बदलते मौसम के साथ कई क्षेत्रों में तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के बाद ठंडक और बढ़ गई, जिससे लोगों को सर्दी का अधिक अहसास होने लगा।
विज्ञापन
31 जनवरी से मौसम में फिर बदलाव की संभावना
मौसम विभाग ने पहले ही जिले में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की थी। विभाग के अनुसार, वर्तमान बारिश और आंधी के दौर के थमने के बाद अगले दो दिनों तक जिले में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इसके अलावा, 31 जनवरी से एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होने के संकेत दिए गए हैं, जिससे मौसम में फिर बदलाव हो सकता है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: भीलवाड़ा नगर निगम की बैठक में 421.84 करोड़ का बजट पास, नामकरण के मुद्दे पर भिड़े पार्षद
गेहूं और सरसों की फसलों के लिए फायदेमंद
कृषि के लिहाज से यह बारिश गेहूं और सरसों की फसलों के लिए लाभकारी मानी जा रही है, क्योंकि इससे फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी। हालांकि, कुछ इलाकों में तेज हवाओं के कारण फसल गिरने की भी सूचना मिली है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।