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Rajasthan: भरतपुर में BSTC स्टूडेंट से भेदभाव और छुआछूत, जानें शिक्षिका ट्विंकल छात्रा से कैसे तमतमाई
Tue, 20 Aug 2024 08:57 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 20 Aug 2024 08:57 PM IST
सार
बीएसटीसी की छात्रा ने जिला कलेक्टर को शिकायत देते हुए बताया, मैं भरतपुर के दीनदयाल नगर में रहती हूं। राजस्थान के दौसा जिले में स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय महिला प्रशिक्षण महाविद्यालय बांदीकुई से बीएसटीसी कर रही हूं।
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छात्रा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आजादी का 78 साल मनाने के बाद भी हमारे देश के ऐसे हालात हैं, जहां पर आज भी छुआछूत और जातिवाद की परंपरा पूरी तरह से जारी है। हाल ही में एक ताजा उदाहरण देखने को मिला है राजस्थान के भरतपुर जिले में। जहां सरकारी स्कूल में इंटर्नशिप कर रही बीएसटीसी की छात्रा के साथ सरकारी विद्यालय में शिक्षकों के द्वारा भेदभाव करने और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया, जिसकी शिकायत छात्रा ने जिला कलेक्टर को लिखित में दी है।
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शिकायत मिलते ही जिला कलेक्टर के द्वारा एक टीम का गठन कर जांच के निर्देश दिए गए। मंगलवार सुबह जांच के लिए टीम स्कूल पहुंची। टीम ने दोनों पक्षों को बैठाकर वार्ता की और आपस में सुलह करवा दी। बीएसटीसी की छात्रा ने जिला कलेक्टर को शिकायत देते हुए बताया कि मैं भरतपुर के दीनदयाल नगर में रहती हूं। राजस्थान के दौसा जिले में स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय महिला प्रशिक्षण महाविद्यालय बांदीकुई से बीएसटीसी कर रही हूं। इंटर्नशिप के लिए पहले उसे जिले के ऊंचा गांव स्थित सरकारी स्कूल मिला था, जिसे मैंने ट्रांसफर कराकर भरतपुर शहर स्थित सरकारी सिटी स्कूल में करवा लिया।
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पांच अगस्त के दिन मैं प्रिंसिपल कार्यालय पहुंची। वहां शिक्षिका ट्विंकल बंसल बैठी हुई थी। उनसे मैंने प्रिंसिपल मोहनलाल के बारे में जानकारी ली। तभी शिक्षिका ट्विंकल मेरे ऊपर भड़क गई और मेरे से कहा, तू अंदर कैसे आ गई। शिक्षिका के द्वारा मुझे जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया। कुछ समय के बाद प्रिंसिपल ऑफिस में आए और फिर भी शिक्षिका उनके समाने भी जातिसूचक शब्द बोलती रही। इसके बाद में अपने घर चली गई।
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सात अगस्त को फिर से स्कूल पहुंची। हाजिरी रजिस्टर में जब साइन किया तो शिक्षिका ट्विंकल द्वारा कहा कि तूने हाजिरी रजिस्टर को कैसे छुआ है, शिक्षिका ने एक क्लास के बच्चे को बुलाया और कहा कि पानी लेकर आओ मुझ पर और रजिस्टर पर छींटे मारो। मामले को बढ़ता देख प्रिंसिपल द्वारा मुझे रिलीव कर एसवीके स्कूल में भेज दिया और कहां आगे से तुम वहां पढ़ाओगी।
जिला कलेक्टर के द्वारा गठित टीम सिटी स्कूल पहुंची और मामले की जांच की। टीम को देख शिक्षिका ट्विंकल कि अचानक तबीयत खराब हो गई और अन्य साथी शिक्षिका उसे स्कूटी पर बिठाकर घर ले गई। सेवर सीबीओ दलवीर सिंह द्वारा दोनों पक्षों से वार्ता की और समझाइश करने के बाद सुलह करा दी।