राजस्थान: फर्जी OBC सर्टिफिकेट से नौकरी और चुनाव जीतने का आरोप, पूर्व कांग्रेस प्रधान कविता फौजदार गिरफ्तार
भरतपुर के कुम्हेर में पुलिस ने पूर्व कांग्रेस प्रधान कविता फौजदार को कथित फर्जी OBC प्रमाण पत्र के मामले में उनके घर से गिरफ्तार किया। शिकायत में आरोप है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मथुरा में जन्म और शिक्षा के बावजूद कुम्हेर का निवासी बताते हुए दस्तावेज तैयार कराए और 1993 की मतदाता सूची में कथित छेड़छाड़ के जरिए OBC प्रमाण पत्र हासिल किया।
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कुम्हेर थाना पुलिस ने फर्जी OBC प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने और पंचायत समिति का चुनाव जीतने के आरोप में कांग्रेस की पूर्व प्रधान कविता फौजदार को उनके घर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को डीग के एसीजेएम न्यायालय में पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें भरतपुर की महिला जेल भेज दिया।
1993 की मतदाता सूची में फर्जीवाड़े का आरोप
महरावर निवासी रश्मि फौजदार ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुम्हेर की अदालत में इस्तगासा पेश किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में जन्मी और शिक्षित कविता फौजदार ने शादी के बाद रीठौठी गांव में रहने के दौरान कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। शिकायत के अनुसार, OBC जाति प्रमाण पत्र के आवेदन में कविता फौजदार ने खुद और अपने माता-पिता को कुम्हेर का निवासी बताया। इसके लिए वर्ष 1993 की कुम्हेर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में कथित तौर पर फर्जीवाड़ा कर कूटरचित दस्तावेज लगाए गए।
प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी और फिर बनीं प्रधान
शिकायत में आरोप लगाया गया कि इसी OBC प्रमाण पत्र के आधार पर कविता फौजदार ने वर्ष 2021 में कोविड हेल्थ सहायक की नौकरी हासिल की। इसके बाद उन्होंने कुम्हेर पंचायत समिति के प्रधान पद का चुनाव लड़ा और जीतकर निर्वाचित हुईं।
कुम्हेर थाना प्रभारी जितेंद्र चौधरी ने बताया कि मामले में नामजद अन्य आरोपियों की भूमिका और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
पति समेत अन्य लोगों के नाम भी शामिल
अदालत के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस फर्जी तरीके से तैयार किए गए OBC प्रमाण पत्र और वर्ष 1993 की मतदाता सूची की गहनता से जांच कर रही है। इस कथित साजिश में पूर्व प्रधान कविता फौजदार के पति श्यामवीर सिंह, एक ई-मित्र संचालक, पटवारी और एक गवाह को भी नामजद किया गया है। पुलिस इन सभी नामजद आरोपियों की कथित आपराधिक संलिप्तता और मामले में उनकी भूमिका की जांच कर रही है।