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Bharatpur News: कक्षा में पढ़ते समय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
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भरतपुर। बयाना उपखंड इलाके के गांव कारबारी के एक निजी स्कूल में कक्षा 9वीं की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्रा कक्षा में पढ़ाई कर रही थी, तभी अचानक चक्कर आने से बेहोश हो गई। स्कूल संचालक और शिक्षक छात्रा को स्कूल के वाहन से सीएचसी लाए। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से छात्रा के परिजन में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना पर बयाना थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शिक्षक व परिजन से घटना की जानकारी ली।
अस्पताल में मौजूद शिक्षकों ने बताया कि गांव नगला सबला निवासी छात्रा मिंतेश पुत्री नकेश गांव के ओमल पब्लिक स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ती थी। पिता नकेश सूरत में ठेकेदारी करते हैं। छात्रा रोजाना की तरह बृहस्पतिवार की सुबह 7:30 बजे स्कूल आई थी। छुट्टी से पहले दोपहर करीब 12 क्लास में पढ़ते हुए मिंतेश को अचानक चक्कर आए और वह बेहोश हो गई। उसे तत्काल बयाना सीएचसी लाया गया। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बयाना सीएचसी प्रभारी डॉ. जोगेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि स्कूल स्टाफ जब तक बच्ची को अस्पताल लाया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। छात्रा की ईसीजी की गई थी। संभवतः छात्रा को कोई जन्मजात ह्दय संबंधी समस्या थी। इसके बारे में परिजन को भी नहीं पता था। ऐसी स्थिति में अचानक गुस्सा, भय, तनाव जैसे इमोशन आने पर व्यक्ति की बेहोश होने पर मौत तक हो जाती है। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर ले गए। संवाद
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अस्पताल में मौजूद शिक्षकों ने बताया कि गांव नगला सबला निवासी छात्रा मिंतेश पुत्री नकेश गांव के ओमल पब्लिक स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ती थी। पिता नकेश सूरत में ठेकेदारी करते हैं। छात्रा रोजाना की तरह बृहस्पतिवार की सुबह 7:30 बजे स्कूल आई थी। छुट्टी से पहले दोपहर करीब 12 क्लास में पढ़ते हुए मिंतेश को अचानक चक्कर आए और वह बेहोश हो गई। उसे तत्काल बयाना सीएचसी लाया गया। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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बयाना सीएचसी प्रभारी डॉ. जोगेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि स्कूल स्टाफ जब तक बच्ची को अस्पताल लाया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। छात्रा की ईसीजी की गई थी। संभवतः छात्रा को कोई जन्मजात ह्दय संबंधी समस्या थी। इसके बारे में परिजन को भी नहीं पता था। ऐसी स्थिति में अचानक गुस्सा, भय, तनाव जैसे इमोशन आने पर व्यक्ति की बेहोश होने पर मौत तक हो जाती है। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर ले गए। संवाद
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