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Bharatpur News: बतख छोटी सी पर उड़ान सबसे ऊंची

Tue, 04 Feb 2025 12:06 AM IST
Bharatpur bureau भरतपुर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Feb 2025 12:06 AM IST
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Geese fly from Siberia
ऊंचाई पर उड़ने वाला पक्षी बार हेडेड गूज
मनीष कुमार
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भरतपुर। पक्षियों के लिए स्वर्ग कहे जाने वाले विश्व विख्यात केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (घना) में प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। इनमें एक मात्र पक्षी बार हेडेड गूस ऐसा पक्षी है, जो अपनी अलग पहचान रखता है। इसे दुनिया का सबसे ऊंची उड़ान भरने वाला पक्षी माना जाता है। यह साइबेरिया और मंगोलिया की झीलों से उड़ान भरता है। करीब 5 हजार किमी से अधिक का सफर तय कर घना पहुंचने वाला यह पक्षी हिमालय की बर्फीली चोटियों को पार करके आता है।

घना निदेशक मानस सिंह ने बताया कि बार हेडेड गूस करीब 5 हजार किमी से अधिक का सफर डेढ़ माह में तय कर घना पहुंचता है। उड़ान के दौरान यह करीब 30 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है। जो इसे पक्षी जगत में सबसे ऊंची उड़ान भरने वाला पक्षी बनाता है। जबकि इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन का स्तर बिल्कुल कम होता है। वर्तमान में करीब 300 की संख्या में बार हेडेड गूस घना में मौजूद हैं। संवाद
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शाकाहारी होती है छोटी सी बतखछोटी सी बतख गूस इतनी ऊंचाई पर उड़ान भरकर घना तक आती है, यह प्रकृति का अदभुत नजारा है। इसका नाम भी बार हेडेड गूस इसलिए पड़ा कि इसके सिर पर दो धारियां होती हैं। गूस प्रजाति का यह पक्षी शाकाहारी होता है। बार हेडेड गूस हल्के भूरे रंग का होता है। सिर पर काली पट्टियां होती हैं। इसकी वजह से इसे अन्य गूस प्रजातियों से अलग पहचान देती है।
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यह पक्षी मध्यम आकार का होता है। आवाज सामान्य हंस की तरह होती है। कुल लंबाई 71-76 सेमी (28-30 इंच) होती है और वजन 1.87-3.2 किलोग्राम होता है। यह पक्षी प्रजनन के लिए घना में अक्तूबर माह में आता है। जमीन पर एक बार में 3 से 8 अंडे देता है। बच्चों के बड़े होने तक घना में रुकता है और अप्रैल के शुरूआती सप्ताह तक यहां रहता है।





विश्वआर्द्र भूमि दिवस का समापन
भरतपुर। घना में दो दिवसीय विश्वआर्द्र भूमि दिवस मनाया गया। सोमवार को श्रमदान के साथ समापन हो गया। श्रमदान के तहत प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। स्कूली बच्चों के मध्य सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बच्चों को घना में भ्रमण कराया गया। सहायक वन संरक्षक भरतलाल वर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद
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