{"_id":"6a8324d614e42bab780e73f1","slug":"bharatpur-reservation-lottery-for-the-65-wards-of-bharatpur-municipal-corporation-electoral-equations-shift-bringing-joy-to-some-and-disappointment-to-prospective-candidates-bharatpur-news-c-1-1-noi1390-4622007-2026-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायत निकाय चुनाव: भरतपुर नगर निगम के 65 वार्डों का आरक्षण तय, जानिए किस वर्ग के खाते में कितनी सीटें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत निकाय चुनाव: भरतपुर नगर निगम के 65 वार्डों का आरक्षण तय, जानिए किस वर्ग के खाते में कितनी सीटें
Tue, 18 Aug 2026 11:39 AM IST
भरतपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: भरतपुर ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:39 AM IST
सार
वार्ड आरक्षण की लॉटरी ने नगर निगम चुनाव की तैयारियों में नया मोड़ ला दिया है। भरतपुर नगर निगम के 65 वार्डों में आरक्षण की स्थिति सामने आने के बाद कई दावेदारों का चुनावी समीकरण बदल गया है। लॉटरी के बाद कुछ नेताओं को अब नई जगह तलाशनी पड़ सकती है।
विज्ञापन
भरतपुर में लॉटरी निकालते स्कूली बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भरतपुर में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर नगर निगम के 65 वार्डों की आरक्षण लॉटरी जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर कमर चौधरी के निर्देशन में निकाली गई। लॉटरी प्रक्रिया में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में संभावित प्रत्याशी मौजूद रहे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई और स्कूली छात्राओं ने डिब्बों में रखी वार्डवार पर्चियां निकालकर आरक्षण की स्थिति स्पष्ट की।
वार्डों की लॉटरी निकलने के साथ ही कई संभावित प्रत्याशियों के चुनावी समीकरण बदलते नजर आए। आरक्षण अपने पक्ष में आने पर कुछ चेहरों पर खुशी दिखाई दी, तो कई संभावित प्रत्याशियों को निराशा हाथ लगी। बता दें कि नगर निगम के कुल 65 वार्डों में से अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 15 वार्ड, अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के लिए 13 और अनुसूचित जनजाति के लिए एक वार्ड आरक्षित किया गया है, वहीं सामान्य वर्ग के लिए कुल 36 वार्ड निर्धारित किए गए हैं।
ये भी पढ़ें: पंचायत-निकाय चुनाव: टोंक में निकली नगर निकाय चुनाव की आरक्षण लॉटरी, 10 निकायों में वार्डों की स्थिति साफ
विज्ञापन
अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए वार्ड नंबर 9, 15, 28, 40 और 52 आरक्षित किए गए हैं। वहीं अनुसूचित जाति ओपन वर्ग के लिए वार्ड नंबर 3, 4, 10, 13, 14, 16, 37, 38, 39 और 62 निर्धारित किए गए हैं।अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए वार्ड नंबर 1 आरक्षित हुआ है। ओबीसी ओपन वर्ग के लिए वार्ड नंबर 19, 22, 27, 29, 30, 36, 47, 50 और 65 आरक्षित किए गए हैं। वहीं ओबीसी महिला वर्ग के लिए वार्ड नंबर 20, 34, 61 और 63 निर्धारित किए गए हैं। इसी तरह सामान्य महिला वर्ग के लिए वार्ड नंबर 6, 12, 17, 18, 23, 25, 32, 41, 45, 46, 53 और 59 आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा शेष वार्ड सामान्य वर्ग ओपन के लिए रखे गए हैं।
लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अब संभावित प्रत्याशियों ने अपने-अपने वार्डों में चुनावी तैयारियों को लेकर रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। आरक्षण की स्थिति सामने आने के बाद कई दावेदारों के समीकरण बदले हैं, जबकि कई नए चेहरों के लिए चुनावी मैदान में उतरने का रास्ता भी साफ हुआ है।
विज्ञापन
वार्डों की लॉटरी निकलने के साथ ही कई संभावित प्रत्याशियों के चुनावी समीकरण बदलते नजर आए। आरक्षण अपने पक्ष में आने पर कुछ चेहरों पर खुशी दिखाई दी, तो कई संभावित प्रत्याशियों को निराशा हाथ लगी। बता दें कि नगर निगम के कुल 65 वार्डों में से अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 15 वार्ड, अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के लिए 13 और अनुसूचित जनजाति के लिए एक वार्ड आरक्षित किया गया है, वहीं सामान्य वर्ग के लिए कुल 36 वार्ड निर्धारित किए गए हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: पंचायत-निकाय चुनाव: टोंक में निकली नगर निकाय चुनाव की आरक्षण लॉटरी, 10 निकायों में वार्डों की स्थिति साफ
विज्ञापन
अनुसूचित जाति महिला वर्ग के लिए वार्ड नंबर 9, 15, 28, 40 और 52 आरक्षित किए गए हैं। वहीं अनुसूचित जाति ओपन वर्ग के लिए वार्ड नंबर 3, 4, 10, 13, 14, 16, 37, 38, 39 और 62 निर्धारित किए गए हैं।अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए वार्ड नंबर 1 आरक्षित हुआ है। ओबीसी ओपन वर्ग के लिए वार्ड नंबर 19, 22, 27, 29, 30, 36, 47, 50 और 65 आरक्षित किए गए हैं। वहीं ओबीसी महिला वर्ग के लिए वार्ड नंबर 20, 34, 61 और 63 निर्धारित किए गए हैं। इसी तरह सामान्य महिला वर्ग के लिए वार्ड नंबर 6, 12, 17, 18, 23, 25, 32, 41, 45, 46, 53 और 59 आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा शेष वार्ड सामान्य वर्ग ओपन के लिए रखे गए हैं।
लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अब संभावित प्रत्याशियों ने अपने-अपने वार्डों में चुनावी तैयारियों को लेकर रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। आरक्षण की स्थिति सामने आने के बाद कई दावेदारों के समीकरण बदले हैं, जबकि कई नए चेहरों के लिए चुनावी मैदान में उतरने का रास्ता भी साफ हुआ है।