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मंदिर माफी की जमीनों पर बने हैं मेवात के मदरसे
ब्यूरो/ अमर उजाला, जयपुर
Updated Thu, 10 Mar 2016 08:32 PM IST
सार
- जेएनयू मामले पर भी दिया था विवादित बयान
- मंदिर माफी की जमीन पर कब्जा कर बनाए गए मदरसे
- मौलवी बाहरी राज्यों से हैं और वे वे संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त
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विस्तार
जेएनयू मामले में विवादित बयान देने वाले भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने बृहस्पतिवार को राजस्थान विधानसभा में और बाहर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान के मेवात क्षेत्र में 90 फीसदी मदरसे मंदिर माफी की जमीन पर कब्जा कर बनाए गए हैं। इनमें मौलवी बाहरी राज्यों से हैं और वे वे संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं।
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आहूजा ने विधानसभा में अलवर जिले के रामगढ़ में एक मदरसे में बच्चों को बेडिय़ों से बांधने का मामला उठाया और मदरसों को लेकर सदन में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कई मदरसे पंजीकृत भी नहीं हैं। मंदिर माफी की जमीन पर कब्जाकर बनाए इन मदरसों को सरकार आर्थिक मदद दे रही है। आहूजा ने मदरसों की संदिग्ध गतिविधियों की जांच की मांग की। इसके बाद गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि प्रदेश भर के मदरसों की गतिविधियों की सरकार जांच कराएगी।
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जो मदरसे गैर पंजीकृत हैं उनका भी रिकॉर्ड मंगाया जाएगा। जिन मदरसों की गतिविधियां संदिग्ध पाई जाएंगी, उनकी जांच होगी। मदरसों में पढ़ाने वाले शिक्षकों और मौलवियों का पूरा ट्रेक रिकॉर्ड मंगवाया जाएगा और उनके मूल निवास सहित पूरी जांच होगी।
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