Jaipur: सूर्योदय से सूर्यास्त तक काले कपड़े पहनकर विधायक बलजीत क्यों लगा रहे दौड़, जानिए क्या है वजह
अलवर के बहरोड़ से निर्दलीय विधायक बलजीत यादव सोमवार सुबह से जयपुर के सेंट्रल पार्क में विभिन्न मुद्दों को लेकर काले कपड़े पहनकर बिना रुके दौड़ लगा रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार से लड़ रहे हक की लड़ाई।
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विधायक बलजीत यादव ने कहा है कि ये दौड़ सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त होने तक जारी रहेगी। मैं बिना रुके काले कपड़े पहनकर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों का विरोध जता रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैं पिछले चार साल से राजस्थान विधानसभा में यह मांग उठाता आ रहा हूं कि केंद्र और राज्य सरकार आपस में सामन्जस्य बैठाकर बारिश के दिनों में यमुना का व्यर्थ बह जाने वाला पानी राजस्थान तक लाएं। चम्बल का जो पानी राजस्थान में व्यर्थ बह जाता है, उस पानी को नहर के जरिए पानी की समस्या वाले जिलों में पहुंचाया जाए। ऐसे लगभग 11 जिलों के लिए ईआरसीपी प्रोजेक्ट बना, लेकिन अभी तक उसके लिए कुछ काम नहीं हुआ। सिर्फ घोषणाएं होती हैं कि इतना बजट दे दिया, पिछले बजट में इतना बजट दे दिया। 4000 करोड़ रुपये दे दिए, लेकिन काम नहीं होता है।
केंद्र ईआरसीपी से रोक हटाए, राजस्थान सरकार चम्बल का पानी 11 जिलों तक पहुंचाएं
विधायक बलजीत यादव ने कहा कि अभी केंद्र सरकार ने ईआरसीपी पर रोक लगा दी है। मेरी मांग है कि केंद्र सरकार ईआरसीपी पर से रोक हटाएं। राज्य सरकार से भी टैक्स और जीएसटी से पैसा जाता है, इसलिए राजस्थान का हक और ईआरसीपी का बजट दें। राजस्थान सरकार से भी कहना चाहता हूं कि सिर्फ नूराकुश्ती से काम नहीं चलेगा। राजस्थान सरकार इच्छा शक्ति रखे और चम्बल का पानी समस्या वाले 11 जिलों में पहुंचाए।
भारतमाला छोड़ें समुंद्र का पानी राजस्थान तक पहुंचाएं
विधायक बलजीत यादव ने कहा कि केंद्र सककार भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत हाईवे बनवा रही है। इन्हें छोड़कर एक बार चाहे समुंद्र का ही पानी क्यों न हो, राजस्थान तक पहुंचा दिया जाए, तो राजस्थान वैसे ही आबाद हो जाएगा।
पांच लाख भर्तियां एक साथ निकाले राजस्थान सरकार
विधायक बलजीत यादव ने कहा कि राजस्थान का युवा रोजगार के लिए भटक रहा है। हमने मांग रखी है कि एक साथ राजस्थान सरकार पांच लाख भर्तियां निकालें और इसे टाइमबाउंड पूरा करे। डेडलाइन दी जाए कि दो महीने बाद परीक्षा होगी, चार महीने बाद रिजल्ट आएगा और छह महीने बाद ज्वाइनिंग मिलेगी। चुनाव के वक्त घोषणाएं हो जाती हैं फिर नौकरी मिलती नहीं है। कोई भी सरकार आई हो, चार साल तक भर्तियां नहीं निकालती है। चुनाव के आस-पास भर्ती निकालती है। फिर वह भर्ती कोर्ट में फंस जाती हैं या पेपर लीक हो जाता है। रीट के पेपर के लिए कितने दिनों से स्टूडेंट कोचिंग कर रहे हैं, वो भटक रहे हैं। बार-बार रीट और शिक्षक भर्ती का पेपर लीक हो रहा है। बड़ी मछलियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। छोटे-छोटे लोगों को गिरफ्तार कर खानापूर्ति की जा रही है।
कहीं आपकी पार्टी के टिकट जनता फाड़कर फेंक न दे
विधायक यादव ने कहा कि इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि सरकार इस बात का ध्यान रखें। जो नेता, एमएलए-एमपी आज बोल नहीं रहे हैं। जो सोच रहे हैं कि केंद्र सरकार के खिलाफ बोलेंगे तो हमारी टिकट कट जाएगी। राज्य सरकार के खिलाफ बोलेंगे तो हमारी टिकट काट दी जाएगी, लेकिन राजस्थान में क्रांति होने वाली है। ये जनता ही टिकट देकर भेजती है। कहीं ऐसा न हो जाए कि आपकी पार्टी के टिकट को जनता फाड़कर फेंक दे। आप खुद ही देखते रह जाओ। समय रहते जनता के पाले में खड़े होकर किसान मजदूर की मांग को उठाएं। किसान को यूरिया, बिलजी, पानी नहीं मिल रहा। पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को शाम को बिजली नहीं मिल रही है। न कोई फैसिलिटी मिलती है। इन मुद्दों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं।
सूर्योदय से सूर्यास्त तक काले कपड़े पहनकर पहले भी दौड़ा
विधायक बलजीत यादव ने कहा कि मैं पहले भी सूर्योदय से सूर्यास्त तक इसी सेंट्रल पार्क में काले कपड़े पहनकर दौड़ा और लोकतांत्रिक विरोध किया था। सरकार को बताया कि बलजीत यादव नहीं दौड़ रहा, ये गांव के मजदूर, किसान की आंख है। उस आंख में बहुत गुस्सा है। गरीब, मजदूर का दम आपने देखा नहीं है। इसलिए मैं चेतावनी दे रहा हूं कि सूर्योदय से सूर्यास्तक तक दौड़ूंगा।
कम्प्यूटर अनुदेशक भर्ती में टफ पेपर दिया जाता है
विधायक यादव ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ, किसान, मजदूर, बेरोजगारों की मांग मैं उठा रहा हूं। साथ ही राजस्थान में सीएचए, कम्प्यूटर अनुदेशक की जो भर्ती प्रदेश में की गई हैं, उससे युवाओं में नाराजगी है। क्या कभी ऐसा हुआ है कि 10 हजार की भर्ती निकाली गई, लाखों युवाओं ने परीक्षा दी, लेकिन सलेक्शन मात्र सात हजार का ही हुआ। इतना टफ पेपर परीक्षा में दे दिया जाता है कि भर्ती की संख्या जितने बच्चे भी पास ही नहीं हो पा रहे। आईएएस में सलेक्ट हो जाएं, लेकिन कम्प्यूटर अनुदेशक में कैंडिडेट भर्ती नहीं हो पा रहा है। क्या सरकार ये चाहती है कि किसान-मजदूर का बच्चा कांस्टेबल भी न बने, फोर्स का जवान, टीचर, कम्प्यूटर शिक्षक, सीएचए, कम्पाउंडर भी न बने ?
अंग्रेजों और मुगलों जैसे आपका भी नाश ना हो जाए
विधायक बलजीत ने कहा कि राजस्थान और केंद्र सरकार क्या सोचती है? उन लोगों को लगता है जनता क्या कर लेगी? हम बहुत बड़े लोग हैं, लेकिन बड़े तो अंग्रेज भी थे, उनको भी गुमान हो गया था, मुगलों को भी गुरूर हो गया था, जनता ने उनका नाश कर दिया। कहीं आपका भी नाश नहीं हो जाए। इसलिए आपको कहता हूं, समय रहते चेतें और जनता के दर्द और जवानों के टूटे हुए सपने की सिसकी को महसूस करें। केंद्र और राज्य में बजट सत्र चल रहा है। आशा है इन्हीं बजट सत्रों में राज्य और केंद्र की सरकार हमारी मांगों को शामिल करेगी।