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राजस्थान: परतापुर-गढ़ी में कांग्रेस का खेल, दो निर्दलीयों ने दिया समर्थन; भाजपा के हाथ से फिसला बोर्ड
Tue, 15 Sep 2026 05:34 PM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
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Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2026 05:34 PM IST
सार
Rajasthan News: परतापुर-गढ़ी नगरपालिका में कांग्रेस ने 12 सीटों के साथ दो निर्दलीयों का समर्थन हासिल कर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। 25 सदस्यीय बोर्ड में कांग्रेस के पास अब 14 का समर्थन है। 21 सितंबर को अध्यक्ष का चुनाव होना है।
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कांग्रेस समर्थकों के साथ पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले की परतापुर-गढ़ी नगरपालिका में कांग्रेस ने बड़ा खेल कर दिया है। बहुमत के लिए एक पार्षद की आवश्यकता के बीच दो निर्दलीयों ने हाथ का साथ दे दिया है। इसकी पुष्टि पूर्व मंत्री महेंद्रजीतसिंह मालवीया ने भी की।
12 सीटों पर अटकी कांग्रेस, दो निर्दलीयों ने बदला गणित
परतापुर-गढ़ी नगरपालिका में कुल 25 वार्ड हैं। सोमवार को मतगणना के बाद कांग्रेस को 12, भारतीय जनता पार्टी को 11 सीटें मिली थीं। इसके अतिरिक्त 2 निर्दलीय चुनाव जीते हैं। यहां बहुमत का आंकड़ा 13 है। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद से ही भाजपा और कांग्रेस जोड़तोड़ में जुट गईं, लेकिन कुछ समय बाद ही निर्दलीय ममता राठौड़ और दिलीप जादव ने कांग्रेस को समर्थन दे दिया। इससे कांग्रेस का बोर्ड बनने की राह आसान हो गई है।
मालवीया का बड़ा दावा
परतापुर-गढ़ी नगरपालिका में कांग्रेस के चुनाव प्रभारी पूर्व मंत्री महेंद्रजीतसिंह मालवीया ने कहा कि पिछले चुनाव में कांग्रेस एक वोट से बोर्ड बनाने से चूक गई थी। पिछले पांच साल में भाजपा के बोर्ड ने भ्रष्टाचार किया। जनता की सुविधा के नाम पर नहीं के बराबर काम किए। चुनाव की घोषणा के बाद ही जनता ने मन बना लिया था कि कांग्रेस का बोर्ड बनाएंगे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने समर्पित भाव से काम किया। दो निर्दलीयों ने कांग्रेस को समर्थन देने का निर्णय किया है। इससे आगामी 21 सितंबर को कांग्रेस का अध्यक्ष चुना जाएगा और कांग्रेस अपना बोर्ड बनाएगी।
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अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार को मिली हार
परतापुर-गढ़ी नगरपालिका में अध्यक्ष का पद अनारक्षित है। यहां पूर्व विधायक रमेश पंड्या के भाई दिनेशचंद्र पंड्या अध्यक्ष के प्रमुख दावेदार थे, किंतु उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है।
अब भाजपा के सामने बोर्ड बचाने की चुनौती
हालांकि अध्यक्ष का चुनाव आगामी दिनों में होना है। ऐसे में अब नजरें भाजपा पर हैं। जिले में एकमात्र विधायक गढ़ी से कैलाश मीणा ही हैं। ऐसे में उनके रहते भाजपा दूसरी बार बोर्ड पर काबिज नहीं हो पाती है तो यह उनके लिए बड़ा झटका साबित होगा। वैसे चर्चाएं यह भी हैं कि अध्यक्ष के चुनाव से पहले भाजपा बोर्ड बनाने के लिए पूरा जोर लगाएगी।
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12 सीटों पर अटकी कांग्रेस, दो निर्दलीयों ने बदला गणित
परतापुर-गढ़ी नगरपालिका में कुल 25 वार्ड हैं। सोमवार को मतगणना के बाद कांग्रेस को 12, भारतीय जनता पार्टी को 11 सीटें मिली थीं। इसके अतिरिक्त 2 निर्दलीय चुनाव जीते हैं। यहां बहुमत का आंकड़ा 13 है। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद से ही भाजपा और कांग्रेस जोड़तोड़ में जुट गईं, लेकिन कुछ समय बाद ही निर्दलीय ममता राठौड़ और दिलीप जादव ने कांग्रेस को समर्थन दे दिया। इससे कांग्रेस का बोर्ड बनने की राह आसान हो गई है।
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मालवीया का बड़ा दावा
परतापुर-गढ़ी नगरपालिका में कांग्रेस के चुनाव प्रभारी पूर्व मंत्री महेंद्रजीतसिंह मालवीया ने कहा कि पिछले चुनाव में कांग्रेस एक वोट से बोर्ड बनाने से चूक गई थी। पिछले पांच साल में भाजपा के बोर्ड ने भ्रष्टाचार किया। जनता की सुविधा के नाम पर नहीं के बराबर काम किए। चुनाव की घोषणा के बाद ही जनता ने मन बना लिया था कि कांग्रेस का बोर्ड बनाएंगे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने समर्पित भाव से काम किया। दो निर्दलीयों ने कांग्रेस को समर्थन देने का निर्णय किया है। इससे आगामी 21 सितंबर को कांग्रेस का अध्यक्ष चुना जाएगा और कांग्रेस अपना बोर्ड बनाएगी।
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अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार को मिली हार
परतापुर-गढ़ी नगरपालिका में अध्यक्ष का पद अनारक्षित है। यहां पूर्व विधायक रमेश पंड्या के भाई दिनेशचंद्र पंड्या अध्यक्ष के प्रमुख दावेदार थे, किंतु उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है।
अब भाजपा के सामने बोर्ड बचाने की चुनौती
हालांकि अध्यक्ष का चुनाव आगामी दिनों में होना है। ऐसे में अब नजरें भाजपा पर हैं। जिले में एकमात्र विधायक गढ़ी से कैलाश मीणा ही हैं। ऐसे में उनके रहते भाजपा दूसरी बार बोर्ड पर काबिज नहीं हो पाती है तो यह उनके लिए बड़ा झटका साबित होगा। वैसे चर्चाएं यह भी हैं कि अध्यक्ष के चुनाव से पहले भाजपा बोर्ड बनाने के लिए पूरा जोर लगाएगी।