राजस्थान निकाय चुनाव: वागड़ की सियासत में आधी आबादी का दबदबा, बांसवाड़ा-डूंगरपुर में दो-दो बार महिला नेतृत्व
वागड़ के नगर निकायों के इतिहास में महिलाओं ने लंबे समय से नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली है। बांसवाड़ा और डूंगरपुर में दो-दो बार, जबकि कुशलगढ़ में चार बार महिलाएं नगरपालिका अध्यक्ष बनी हैं।
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राजस्थान का वागड़ क्षेत्र महिला सशक्तिकरण के मामले में लंबे समय से अपनी अलग पहचान रखता है। बांसवाड़ा को प्रदेश की पहली महिला विधायक यशोदा देवी को विधानसभा में भेजने का गौरव प्राप्त है। वहीं नगर निकायों के इतिहास में भी महिलाओं ने नेतृत्व की जिम्मेदारी बखूबी संभाली है। परतापुर-गढ़ी को छोड़ दें तो बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सागवाड़ा और कुशलगढ़ नगर निकायों की कमान अलग-अलग समय पर महिलाओं के हाथों में रही है और उन्होंने सफलतापूर्वक अपना कार्यकाल पूरा किया है।
वागड़ के बांसवाड़ा और डूंगरपुर क्षेत्र में कुल पांच निकाय हैं। इनमें बांसवाड़ा और डूंगरपुर नगर परिषद के अलावा कुशलगढ़, परतापुर-गढ़ी और सागवाड़ा नगरपालिकाएं शामिल हैं। 1990 के दशक के बाद हुए निकाय चुनावों के इतिहास पर नजर डालें तो बांसवाड़ा और डूंगरपुर में दो-दो बार तथा सागवाड़ा में एक बार महिला पार्षद को अध्यक्ष बनने का अवसर मिला। इस बार सागवाड़ा को दूसरी बार महिला नेतृत्व मिलने जा रहा है। वहीं कुशलगढ़ में सबसे अधिक चार महिला नेत्रियों ने नगरपालिका अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली है।
कृष्णा कटारा बनीं बांसवाड़ा की पहली एसटी महिला अध्यक्ष
बांसवाड़ा नगर निकाय के वर्ष 2004 के चुनाव में भाजपा की कृष्णा कटारा पहली महिला अध्यक्ष बनी थीं। खास बात यह रही कि वह नगर निकाय की पहली अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला अध्यक्ष भी थीं। इसके बाद वर्ष 2014 के चुनाव में मंजूबाला पुरोहित पहली सभापति बनीं। इस बार बांसवाड़ा सभापति का पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है।
कुशलगढ़ में लगातार तीन कार्यकाल महिला नेतृत्व के रहे
महिला अध्यक्षों के मामले में कुशलगढ़ नगरपालिका वागड़ के पांचों निकायों में सबसे आगे रही है। यहां लगातार तीन कार्यकाल तक महिलाओं ने नगरपालिका की कमान संभाली। ललिता देवी सोनी 29 अगस्त 1995 से 28 अगस्त 2000 तक अध्यक्ष रहीं। इसके बाद शांतिदेवी चरपोटा ने 1 सितंबर 2000 से 24 अगस्त 2005 तक अध्यक्ष पद संभाला। वहीं विद्या देवी पंचाल 25 अगस्त 2005 से 25 अगस्त 2010 तक अध्यक्ष रहीं। इसके बाद 27 अगस्त 2015 को रेखा देवी अध्यक्ष चुनी गईं।
डूंगरपुर में सुशीला भील ने दो बार संभाली जिम्मेदारी
डूंगरपुर नगर निकाय में भाजपा की सुशीला भील को दो बार अध्यक्ष बनने का अवसर मिला। वह 31 अगस्त 2000 से 30 अगस्त 2005 तक और फिर 24 अगस्त 2010 से 17 अगस्त 2015 तक नगर निकाय की अध्यक्ष रहीं।
सागवाड़ा को फिर मिलेगा महिला नेतृत्व
सागवाड़ा नगरपालिका में भाजपा की निर्मला अहारी 25 अगस्त 2015 से 20 अगस्त 2020 तक अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं। अब इस बार नगरपालिका अध्यक्ष का पद अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया है। ऐसे में सागवाड़ा नगरपालिका को दूसरी बार महिला अध्यक्ष मिलने जा रही है।
वहीं परतापुर-गढ़ी में दूसरी बार नगर निकाय चुनाव होने जा रहा है। यहां अब तक किसी महिला को अध्यक्ष बनने का अवसर नहीं मिला है। इस तरह वागड़ के अधिकांश प्रमुख नगर निकायों में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व का लंबा इतिहास रहा है। आगामी निकाय चुनाव में आरक्षण व्यवस्था के चलते एक बार फिर महिला नेतृत्व को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हैं।