फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Banswara News ›   Civic Body Elections: Vagad Not Left Behind in Women's Empowerment

राजस्थान निकाय चुनाव: वागड़ की सियासत में आधी आबादी का दबदबा, बांसवाड़ा-डूंगरपुर में दो-दो बार महिला नेतृत्व

Mon, 31 Aug 2026 09:51 AM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो न्यू डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
न्यू डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो Updated Mon, 31 Aug 2026 09:51 AM IST
सार

वागड़ के नगर निकायों के इतिहास में महिलाओं ने लंबे समय से नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली है। बांसवाड़ा और डूंगरपुर में दो-दो बार, जबकि कुशलगढ़ में चार बार महिलाएं नगरपालिका अध्यक्ष बनी हैं।

विज्ञापन
Civic Body Elections: Vagad Not Left Behind in Women's Empowerment
डूंगरपुर नगर परिषद कार्यालय भवन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान का वागड़ क्षेत्र महिला सशक्तिकरण के मामले में लंबे समय से अपनी अलग पहचान रखता है। बांसवाड़ा को प्रदेश की पहली महिला विधायक यशोदा देवी को विधानसभा में भेजने का गौरव प्राप्त है। वहीं नगर निकायों के इतिहास में भी महिलाओं ने नेतृत्व की जिम्मेदारी बखूबी संभाली है। परतापुर-गढ़ी को छोड़ दें तो बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सागवाड़ा और कुशलगढ़ नगर निकायों की कमान अलग-अलग समय पर महिलाओं के हाथों में रही है और उन्होंने सफलतापूर्वक अपना कार्यकाल पूरा किया है।

विज्ञापन


वागड़ के बांसवाड़ा और डूंगरपुर क्षेत्र में कुल पांच निकाय हैं। इनमें बांसवाड़ा और डूंगरपुर नगर परिषद के अलावा कुशलगढ़, परतापुर-गढ़ी और सागवाड़ा नगरपालिकाएं शामिल हैं। 1990 के दशक के बाद हुए निकाय चुनावों के इतिहास पर नजर डालें तो बांसवाड़ा और डूंगरपुर में दो-दो बार तथा सागवाड़ा में एक बार महिला पार्षद को अध्यक्ष बनने का अवसर मिला। इस बार सागवाड़ा को दूसरी बार महिला नेतृत्व मिलने जा रहा है। वहीं कुशलगढ़ में सबसे अधिक चार महिला नेत्रियों ने नगरपालिका अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली है।

विज्ञापन

कृष्णा कटारा बनीं बांसवाड़ा की पहली एसटी महिला अध्यक्ष

बांसवाड़ा नगर निकाय के वर्ष 2004 के चुनाव में भाजपा की कृष्णा कटारा पहली महिला अध्यक्ष बनी थीं। खास बात यह रही कि वह नगर निकाय की पहली अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला अध्यक्ष भी थीं। इसके बाद वर्ष 2014 के चुनाव में मंजूबाला पुरोहित पहली सभापति बनीं। इस बार बांसवाड़ा सभापति का पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कुशलगढ़ में लगातार तीन कार्यकाल महिला नेतृत्व के रहे

महिला अध्यक्षों के मामले में कुशलगढ़ नगरपालिका वागड़ के पांचों निकायों में सबसे आगे रही है। यहां लगातार तीन कार्यकाल तक महिलाओं ने नगरपालिका की कमान संभाली। ललिता देवी सोनी 29 अगस्त 1995 से 28 अगस्त 2000 तक अध्यक्ष रहीं। इसके बाद शांतिदेवी चरपोटा ने 1 सितंबर 2000 से 24 अगस्त 2005 तक अध्यक्ष पद संभाला। वहीं विद्या देवी पंचाल 25 अगस्त 2005 से 25 अगस्त 2010 तक अध्यक्ष रहीं। इसके बाद 27 अगस्त 2015 को रेखा देवी अध्यक्ष चुनी गईं।

डूंगरपुर में सुशीला भील ने दो बार संभाली जिम्मेदारी

डूंगरपुर नगर निकाय में भाजपा की सुशीला भील को दो बार अध्यक्ष बनने का अवसर मिला। वह 31 अगस्त 2000 से 30 अगस्त 2005 तक और फिर 24 अगस्त 2010 से 17 अगस्त 2015 तक नगर निकाय की अध्यक्ष रहीं।

सागवाड़ा को फिर मिलेगा महिला नेतृत्व

सागवाड़ा नगरपालिका में भाजपा की निर्मला अहारी 25 अगस्त 2015 से 20 अगस्त 2020 तक अध्यक्ष निर्वाचित हुई थीं। अब इस बार नगरपालिका अध्यक्ष का पद अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया है। ऐसे में सागवाड़ा नगरपालिका को दूसरी बार महिला अध्यक्ष मिलने जा रही है।



वहीं परतापुर-गढ़ी में दूसरी बार नगर निकाय चुनाव होने जा रहा है। यहां अब तक किसी महिला को अध्यक्ष बनने का अवसर नहीं मिला है। इस तरह वागड़ के अधिकांश प्रमुख नगर निकायों में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व का लंबा इतिहास रहा है। आगामी निकाय चुनाव में आरक्षण व्यवस्था के चलते एक बार फिर महिला नेतृत्व को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हैं।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed